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इस बार आर या पार: 2 अक्टूबर के आंदोलन को लेकर फिर एक हुए अतिथि शिक्षक संगठन, जीतू पटवारी ने भी दे दिया ये मैसेज

MP Guest Teacher Protest: भोपाल में होने वाले अतिथियों के सत्याग्रह को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है, इंटेलीजेंस फोन घनघनाने लगा है।

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Rahul Sharma
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MP Guest Teacher Protest: गांधी जयंती पर भोपाल में होने वाले सत्याग्रह आंदोलन को लेकर अतिथि शिक्षक संगठन फिर एक हो गए हैं। 10 सितंबर को हुए महाआंदोलन के बाद तात्कालिक समस्याओं पर आंदोलन खत्म करने की बात पर इन संगठनों में बिखराव हो गया था, लेकिन 30 सितंबर को सभी संगठनों ने 2 अक्टूबर को होने वाले आंदोलन को लेकर अपनी सहमति दे दी है।

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https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1840684171116613988

जीतू पटवारी ने भी दिया क्लीयर मैसेज

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी अतिथियों के मुद्दे को लेकर क्लीयर मैसेज दे दिया है। जीतू पटवारी ने कहा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता अतिथियों के साथ है और हम मिलकर इस मुहीम को अंजाम तक पहुंचाएंगे।

अतिथि शिक्षक द्वारा 29 सितंबर को शिवराज सिंह चौहान से प्रश्न पूछे जाने वाले एक वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए जीतू पटवारी ने लिखा कि मैं मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों से कहना चाहता हूं शिवराज सिंह चौहान अकेले नहीं हैं।

बीजेपी के नेताओं, विधायकों और सांसदों से भी यही सवाल पूछना चाहिए। जो जहां मिले, वहीं रोककर पूछें, नहीं सुने तो पोस्टकार्ड लिखें, ईमेल करें।

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इस बार आर या पार की लड़ाई

भैरुंदा के अतिथि शिक्षक राहुल व्यास ने 29 सितंबर को जिस बेबाकी से शिवराज सिंह चौहान से महापंचायत की घोषणा पूरी होगी या नहीं का सवाल किया, उसने अतिथि शिक्षकों के सोशल मीडिया ग्रुप में मानो एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया हो।

अतिथि अब आर या पार की लड़ाई के मूड में है। इस बार ये तय है कि आंदोलन (MP Guest Teacher Protest) तात्कालिक समस्या पर नहीं बल्कि महापंचायत की घोषणाओं को लेकर ही होगा।

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सरकार के सामने बड़ी चुनौती

10 सितंबर को महाआंदोलन के बाद जिन तात्कालिक समस्याओं को खत्म करने का आश्वासन दिया गया था, वे अब तक बरकरार हैं। वहीं इस संबंध में अब तक कोई आदेश भी नहीं निकला। जिससे अतिथियों का भरोसा टूटा है।

अब आंदोलन महापंचायत की घोषणाओं पर ही है। जिसमें विभागीय परीक्षा लेकर नियमितीकरण, 12 माह और 62 वर्ष की आयु तक सेवाकाल जैसे बड़े विषय हैं।

11 सितंबर को तात्कालिक समस्याओं के निराकरण का आश्वासन देकर विभाग ने जिन अतिथियों को वापस लौटाया अब उनकी मांगे सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी करने वाली हैं।

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भोपाल के बाहर ही रोके जा सकते हैं अतिथि

अतिथि के होने वाले आंदोलन को लेकर इंटेलीजेंस अलर्ट मोड पर है। अतिथि शिक्षकों का नेतृत्व करने वाले संगठनों के पदाधिकारियों के फोन घनघनाने लगे हैं।

भोपाल में यदि अतिथि 2 अक्टूबर को बड़ा आंदोलन करते हैं तो इस बार उन्हें मनाकर वापस भेजना थोड़ा मुश्किल होगा। यही कारण है कि जिन बसों से अतिथि भोपाल पहुंचने वाले हैं, उन्हें शहर की सीमा से बाहर ही रोका जा सकता है।

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अतिथि शिक्षकों का आंदोलन MP Guest Teacher Protest Mahapanchayat Ki Ghoshnayen 2 October Atithi Shikshak Andolan
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