EPFO Officer Fraud: इंदौर-उज्जैन में पूर्व EPFO अफसर की 50 लाख की संपत्ति कुर्क, आय से अधिक संपत्ति में ED का एक्शन

Madhya Pradesh Former EPFO Officer Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पूर्व प्रवर्तन अफसर श्यामलाल अखंड और उनके सहयोगियों की इंदौर व उज्जैन की करीब 50 लाख रुपए मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया है।

EPFO Officer Fraud

EPFO Officer Fraud

Madhya Pradesh Former EPFO Officer Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पूर्व प्रवर्तन अफसर श्यामलाल अखंड और उनके सहयोगियों की इंदौर व उज्जैन की करीब 50 लाख रुपए मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है।

ईडी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, 8 जुलाई को यह कार्रवाई की गई। इसमें उज्जैन के नलवा गांव का खेत और इंदौर में एमरॉल्ड सिटी के प्लॉट को कुर्क किया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।

https://twitter.com/dir_ed/status/1943202296298639855

PF गड़बड़ी दबाने ली थी रिश्वत 

दरअसल, करीब 6 साल पहले मंदसौर की सांई कंस्ट्रक्शन कंपनी में पीएफ की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस केस को दबाने के लिए पूर्व ईपीएफओ अफसर श्यामलाल अखंड ने कंपनी से 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसमें से 2 लाख रुपए की रिश्वत पहले ले ली और बाकी की रकम देने के लिए अपने घर बुलाया था। छापामार कार्रवाई में सीबीआई ने ईपीएफओ अफसर की काली कमाई को उजागर किया था।

CBI-EOW की FIR, ED का एक्शन

छापामार कार्रवाई में सीबीआई (CBI) ने ईपीएफओ अफसर की काली कमाई को उजागर किया था। इस केस में सीबीआई (CBI) ने रिश्वत लेने पर एक एफआईआर (FIR) दर्ज की। जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offenses Wing) ईओडब्ल्यू (EOW) में दूसरे एफआईआर (FIR) दर्ज की गई। दूसरी एफआईआर आय से अधिक संपत्ति (disproportionate assets) के आरोप में हुई थी। दोनों एफआईआर के आधार पर ईडी ED ने यह कार्रवाई की।

यह खबर भी पढ़ें: MP बिजली कंपनियों में 30 हजार नए पदों पर भर्ती: नई भर्ती में संविदा-आउट सोर्स कर्मचारियों को ऐसे मिलेगी प्रथमिकता

पत्नी, बेटे के नाम खरीदी संपत्तियां

सीबीआई, ईओडब्ल्यू और ईडी की संयुक्त जांच में सामने आया कि पूर्व ईपीएफओ अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान आय से अधिक संपत्ति खरीदी थी। इसमें खुद, पत्नी और बेटे के नाम पर प्रॉपर्टियां खरीदी। जांच में यह भी सामने आया कि अफसर ने सरकारी पद का गलत उपयोग कर यह संपत्ति खरीदी थी।

10 साल में जमाई बेहिसाब संपत्ति

पूर्व अफसर ने जांच में अपनी संपत्ति का साधन वेतन, किराया, खेती और पत्नी के कढ़ाई—सिलाई व्यवसाय बताया था। हालांकि उनकी ओर से इसके पर्याप्त डॉक्यूमेंट पेश नहीं किए। तीनों जांच एजेंसियों की सर्चिंग में यह भी सामने आया कि ईपीएफओ अफसर रहते साल 2009 से 2029 तक बेहिसाब प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस जमा लिया था।

हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें। 

Ayushman Yojana Ghotala: फ्री इलाज का सिर्फ प्रचार, लालच में आए मरीजों से वसूले लाखों रुपए, 12 अस्पतालों से मांगा जवाब

Ayushman Yojana Ghotala

Madhya Pradesh Indore Hospitals Ayushman Yojana Free Treatment Fraud Case: मध्यप्रदेश के चयनित निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंदर मरीजों का पूरी तरह से फ्री इलाज नहीं किया जा रहा। सिर्फ फ्री में इलाज का लालच देने के लिए इस योजना का इस्तेमाल किया जा रहा। पूरी खबर पढ़ने क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article