MP EWS Teacher Recruitment: जनजातीय विभाग की भर्ती नीति पर सवाल, EWS को 10% सीट न देने के मामले में याचिका दायर

MP EWS Teacher Recruitment: शिक्षक भर्ती 2023 में जनजातीय विभाग द्वारा EWS वर्ग को 10% सीट न देने के मामले में एक याचिका दायर की गई है।

MP EWS Teacher Recruitment: जनजातीय विभाग की भर्ती नीति पर सवाल, EWS को 10% सीट न देने के मामले में याचिका दायर

MP EWS Teacher Recruitment: शिक्षक भर्ती 2023 में जनजातीय विभाग द्वारा EWS वर्ग को 10% सीट न देने के मामले में एक याचिका दायर की गई है, जिसकी सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। जनजातीय विभाग द्वारा शिक्षक भर्ती 2023 में EWS वर्ग को 10% सीट न देने के खिलाफ झाबुआ निवासी अर्पणा हालदार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। कोर्ट इस मामले में एक सप्ताह बाद सुनवाई करेगा। इस केस कोर्ट ने जनजातीय विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभाग को 1 हफ्ते का समय दिया गया है।

याचिकाकर्ता ने लगाया भेदभाव का आरोप

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता धीरज तिवारी ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 7591 पदों में से EWS वर्ग के लिए 3923 पदों का 10% आरक्षण किया, लेकिन जनजातीय कार्य विभाग ने 1129 पदों में से EWS वर्ग के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं की। याचिका में कहा गया है कि यह नियमों का उल्लंघन है और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव है। मामला उच्च न्यायालय की युगल पीठ के समक्ष है और एक सप्ताह बाद जबाव के साथ सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि जनजातीय विभाग ने EWS वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव किया है और उन्हें 10% सीट देने से वंचित किया है। याचिका में कहा गया है कि यह निर्णय आरक्षण नीति के विरुद्ध है और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों के अधिकारों का उल्लंघन करता है।

कोर्ट ने जनजातीय विभाग से मांगा जवाब

इस मामले में अदालत ने जनजातीय विभाग को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि विभाग को अपने निर्णय के पीछे के कारणों को स्पष्ट करना होगा और यह बताना होगा कि क्यों EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को 10% सीट नहीं दी गई है। इस मामले की सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी, जिसमें अदालत विभाग के जवाब को सुनेगी और फिर अपना निर्णय देगी। यदि अदालत याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय देती है, तो जनजातीय विभाग को EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को 10% सीट देनी होगी।

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ता ने जनजातीय कार्य विभाग में 4 वेटिंग के साथ 12 सीटें मिलनी थीं, लेकिन विभाग ने एक भी सीट नहीं दी। उत्तरवादी अधिवक्ता ने कहा कि यह मांग बैकलॉग पर की जा रही है, जबकि प्रतिवादी अधिवक्ता ने कहा कि यह सीधी भर्ती के पदों की याचिका है और बैकलॉग में यह मांग नहीं की जा रही है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद भर्ती को अंतिम निर्णय आने तक याचिका के अधीन करते हुए एक सप्ताह बाद जबाव के साथ हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। मामला 30/08/2024 को सुनवाई हेतु नियत है।

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