MP के सरकारी कर्मचारियों की सरकार से मांग: सिंघल आयोग की रिपोर्ट कराई जाए उपलब्ध, CM मोहन को लिखा पत्र

MP Govt Employees Salary: MP के सरकारी कर्मचारियों की सरकार से मांग: सिंघल आयोग की रिपोर्ट कराई जाए उपलब्ध, CM मोहन को लिखा पत्र

MP के सरकारी कर्मचारियों की सरकार से मांग: सिंघल आयोग की रिपोर्ट कराई जाए उपलब्ध, CM मोहन को लिखा पत्र

हाइलाइट्स

  • विसंगतियों को देखते हुए किया गया था आयोग का गठन
  • सरकार ने पिछले 20 सालों से नहीं किए प्रयास
  • लंबे अरसे से चली आ रही वेतन विसंगति की समस्या

MP Govt Employees Salary: मध्यप्रदेश में कर्मचारियों की वेतन विसंगति मामला लगातार तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। आपको बता दें कि मामले में बनाए गए सिंघल आयोग की रिपोर्ट को लेकर कर्मचारी संघ एक्टिव मोड में आ गए हैं। कर्मचारियों की राज्य सरकार से मांग है कि आयोग की रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1812071820511551602

विसंगतियों को देखते हुए किया गया था आयोग का गठन

वहीं इस मामले में (MP Govt Employees Salary) मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को देखते हुए आयोग का गठन किया गया था।

विसंगतियों की वजह से कर्मचारियों संगठनों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों की विसंगतियों को शामिल किया गया है या नहीं? ये सवाल उनके मन में उठने की वजह से रिपोर्ट संगठनों को उपलब्ध कराने की मांग की है।

CM मोहन यादव को लिखा पत्र

आपको बता दें कि मामले ने कर्मचारी मंच के अध्यक्ष अशोक पांडे ने सीएम मोहन यादव को पत्र को लिखा है।

पत्र में लिखा है कि सिंघल आयोग की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाए, जिससे कर्मचारियों की वेतन विसंगति और अधिकारों में असमानता दूर होगी।

समिति बनाने से नहीं होता किसी का भला

वहीं मामले में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के सचिव उमाशंकर तिवारी ने कहा है कि समिति बनाने से किसी का भला नहीं होता।

इससे पहले भी कई समिति बनाई गईं, लेकिन उनकी सिफारिशों के बाद भी  लाभ आज तक तक नहीं मिला।

साल 2016 में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वेतन विसंगति दूर करने के लिए समिति बनाई थी, जिससे सिर्फ अनुशंसा की थी लेकिन प्रदेश के कर्मचारी आज भी लाभ से वंचित हैं।

सरकार ने पिछले 20 सालों से नहीं किए प्रयास

राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा के मुताबिक, कर्मचारियों की वेतन विसंगति (MP Govt Employees Salary) को खत्म करने के लिए बीते 20 साल से कोई प्रयास नहीं किए गए। इसकी वजह से कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। अगले सप्ताह में सभी कर्मचारी संगठनों ने बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन का निर्णय निकाला जाएगा।

लंबे अरसे से चली आ रही वेतन विसंगति की समस्या

वहीं मामले में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भरत पटेल ने कहा कि शिक्षक संवर्गों में भी वेतन विसंगति लंबे अरसे से चली आ रही है। सरकार को इसे लेकर जल्द ही फैसला लेना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें: अमरवाड़ा में 3252 वोटों से बीजेपी की जीत: 17वें राउंड तक कांग्रेस रही आगे, गड़बड़ी की शिकायत पर रिकाउंटिंग की मांग

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article