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MP Cyber Police Station: एमपी में 6 महीने में 250 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, अब हर जिले में बनेगा साइबर थाना

MP Cyber Police Station: एमपी में बीते 6 महीने में 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की साइबर ठगी हो चुकी है. ठगी मध्य प्रदेश के सभी जिलों में अब एक साइबर थाना बनाया जाएगा.

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Rohit Sahu
MP Cyber Police Station: एमपी में 6 महीने में 250 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, अब हर जिले में बनेगा साइबर थाना

हाइलाइट्स

  • प्रदेश के हर जिले में बनेगा  साइबर थाना
  • प्रदेश में एकमात्र साइबर थाना भोपाल में मौजूद
  •  क्राइम ब्रांच में दर्ज होते हैं साइबर अपराध
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MP Cyber Police Station: एमपी में बीते 6 महीने में 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की साइबर ठगी हो चुकी है. ठगी मध्य प्रदेश के सभी जिलों में अब एक साइबर थाना बनाया जाएगा. म.प्र. में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए हर जिले में साइबर थाना और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी. वर्तमान में केवल भोपाल में साइबर थाना है, जबकि अन्य जिलों में साइबर अपराध क्राइम ब्रांच में दर्ज होते हैं. साइबर हेल्प डेस्क बनाने का प्रस्ताव एक साल पहले से था, लेकिन बजट नहीं होने की वजह से इस पर काम नहीं हो पाया.

प्रदेश में एकमात्र साइबर थाना भोपाल में मौजूद

अब नए सिरे से साइबर थाना और हेल्प डेस्क बनाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है. राज्य साइबर मुख्यालय ने सरकार से बजट की मांग की है. अभी प्रदेश में साइबर अपराधों के लिए एकमात्र थाना भोपाल में है. बाकी सभी जिलों में क्राइम ब्रांच या अन्य थानों में साइबर मामले के अपराध दर्ज किए जाते हैं.

थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी बनेंगे

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि साइबर थानों के अलावा हेल्प डेस्क भी बनाए  जाएंगे. हर हेल्प डेस्क पर पुलिसकर्मी को साइबर अपराध अनुसंधान का प्रशिक्षण देकर पदस्थ किया जाएगा. ये पुलिस कर्मी लोगों की शिकायतें सुनने के बाद आवश्यकता पड़ने पर रिपोर्ट साइबर थाने में भेजेंगे.

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तीन लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज

पांच साल में साइबर अपराध की शिकायतें पांच हजार से भी कम थीं. वहीं बीते 6 से 8 महीनों में अब शिकायतें तीन लाख से ऊपर पहुंच गईं हैं. साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है. दूसरे देशों में बैठे लोग भी इस तरह के अपराधिक मामलों में संलिप्त हैं. साइबर थाने बनने से साइबर कानून में दक्ष अमला इन थानों में पदस्थ किया जाएगा. जिससे ऐसे मामलों का जल्द निपटारा किया जाएगा.

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