Jitu Patwari Team: फिर अटकी जीतू पटवारी की कार्यकरणी, नवरात्रि में होनी थी घोषणा, बीरबल की खिचड़ी की तरह बन रही सूची

Jitu Patwari Team: मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार्यकारणी फिर अटक गई है। हरियाणा चुनाव के बाद अटकी सूची।

Jitu Patwari Team: फिर अटकी जीतू पटवारी की कार्यकरणी, नवरात्रि में होनी थी घोषणा, बीरबल की खिचड़ी की तरह बन रही सूची

Jitu Patwari Team: मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार्यकारणी फिर अटक गई है। जीतू पटवारी को पद ग्रहण किए हुए 10 महीने से ज्यादा समय बीत गया लेकिन अभी तक उनकी कार्यकारिणी नहीं बन पाई। जीतू पटवारी कार्यकारिणी के लिए कई बार दिल्ली में केंद्रीय समिति के पास जा चुके हैं। हालांकि प्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेताओं या अन्य वजहों से हर बार सूची अटक रही है। हाई कमान की मुहर अभी भी कार्यकारणी पर नहीं लग पाई है। पार्टी अध्यक्ष द्वारा उन्हें तारीख पर तारीख दी जा रही है। उनकी कार्यकारणी बीरबल की खिचड़ी की तरह हो गई है जो काफी समय से बन ही नहीं पा रही है।दरअसल नवरात्रि में कार्यकारिणी की घोषणा होने की चर्चा जोरों पर थी लेकिन नवरात्रि में भी ये घोषणा नहीं हुई।

हरियाणा चुनाव में हार के बाद अटकी सूची

हरियाणा में कांग्रेस की हार के कारण जीतू पटवारी की नई टीम की घोषणा फिर से अटक गई है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पटवारी की कार्यकारिणी की सूची तैयार हो चुकी है और अधिकांश नेताओं की सहमति भी मिल गई है, साथ ही दिल्ली आलाकमान से भी हरी झंडी मिल चुकी है ¹। लेकिन हरियाणा में कांग्रेस की हार ने इस प्रक्रिया को एक बार फिर से रोक दिया है। यह पहली बार नहीं है जब पटवारी की टीम के ऐलान में देरी हुई है। पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि जब टीम के ऐलान की बात आती है, तो कोई न कोई अडंगा लग जाता है। अब नेताओं को नई कार्यकारिणी की घोषणा के लिए और इंतजार करना होगा।

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इन लोगों को कार्यकारणी में मिलेगा मौका

मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में युवाओं और तकनीक से जुड़े कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी। जीतू पटवारी और अन्य नेताओं की सहमति से तैयार की गई सूची में सदस्यों की औसत आयु 45 वर्ष रखी गई है, जिसमें 35 से 55 वर्ष के नेताओं को शामिल किया जाएगा। इस कार्यकारिणी में सामान्य वर्ग के नेताओं के लिए केवल 30 प्रतिशत पद आरक्षित हैं, जबकि 70 प्रतिशत पद अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कमलनाथ की तुलना में पटवारी की कार्यकारिणी छोटी होगी, और सभी वर्गों के नामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया है ¹। यह कदम कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने और युवाओं को अधिक जिम्मेदारी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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