MP Compassionate Appointment: आर्थिक रूप से सक्षम विवाहित बेटियां अनुकंपा नियुक्ति की हकदार नहीं, MP HC का बड़ा फैसला

MP Compassionate Appointment: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।

Narmadapuram BEO Corruption Case: नर्मदापुरम के पिपरिया BEO पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, DEO ने बिठाई जांच

MP Compassionate Appointment

MP Compassionate Appointment: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से सक्षम विवाहित बेटियां अनुकंपा नियुक्ति का लाभ लेने की पात्र नहीं हैं, भले ही वे नौकरी के लिए सभी योग्यताएं रखती हों। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जो विवाहित बेटियां आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता।

https://twitter.com/BansalNews_/status/1991150414755242345

जनहित याचिका पर सुनवाई में एचसी का तर्क

यह फैसला एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित किए जाने पर सवाल उठाया गया था। कोर्ट ने यह माना कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देना होता है, न कि योग्यता के बावजूद सभी को नौकरी देना। यदि बेटी आर्थिक रूप से सक्षम है, तो वह इस लाभ की हकदार नहीं होगी।

अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के लिए मिसाल

अब ऐसी विवाहित बेटियां जो आर्थिक रूप से स्वतंत्र या सक्षम हैं, वे अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए पात्र नहीं मानी जाएंगी। हाईकोर्ट के इस निर्णय को भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित मामलों में एक मिसाल (Precedent) के तौर पर देखा जाएगा।

हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें।

MP High Court: चुनाव ड्यूटी से हटाने की याचिका खारिज, एमपी HC ने कहा-सभी काम से इनकार करेंगे तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा ?

MP High Court

MP High Court: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने चुनाव ड्यूटी में काम से इनकार करने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी है। दरअसल, भोपाल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं शासकीय एकता यूनियन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें 10 हजार से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने के फैसले को चुनौती दी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब इन कार्यकर्ताओं को चुनावी कार्य भी करना होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article