MP College Education : पेड़ लगाने पर ही मिलेगी डिग्री, नहीं किया रख—रखाव तो कट भी सकते हैं नंबर, उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई नई शिक्षा नीति

युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने MP College Education व उसे बचाने के दिशा में प्रेरित करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग अब नया नियम बनाने जा रहा है।

MP College Education : पेड़ लगाने पर ही मिलेगी डिग्री, नहीं किया रख—रखाव तो कट भी सकते हैं नंबर, उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई नई शिक्षा नीति

भोपाल। युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने MP College Education व उसे बचाने के दिशा में प्रेरित करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग अब नया नियम बनाने जा रहा है। जिसके तहत अब पेड़ लगाने पर ही विद्यार्थियों को डिग्री या डिप्लोमा मिलेगा। नए शिक्षा सत्र से पेड़ लगाने की यह योजना विद्यार्थियों के लिए कॉलेजों में लागू होगी।

पेड़ लगाने पर ही मिलेगी डिग्री या डिप्लोमा
प्रत्येक कॉलेज स्टूडेंट को अब एक पौधा लगाना अनिवार्य होगा। इसके नंबर एक्जाम में जोड़े जाएंगे। दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति के तहत योजना तैयार की है। जिसमें उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के अनुसार ऐसा युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अब नए नियमानुसार प्रदेश भर के सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों को एक पेड़ लगाना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं पेड़ लगाने संबंधी पूरी जानकारी भी कॉलेज प्रबंधन को देनी होगी। उसके रखरखाव देखरेख के अनुसार ही परीक्षा में अंक जोड़े जाएंगे।

देखरेख नहीं की, तो कट सकते हैं नंबर
कई बार लोग पेड़ तो लगा देते हैं। पर उसके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इसलिए अकेला पेड़ लगाना ही काफी नहीं होगा। पर्यावरण को बचाने में विद्यार्थी अपना योगदान दें। इसलिए उच्च शिक्षा—विभाग पेड़ लगाने पर ही छात्र-छात्राओं को डिग्री या डिप्लोमा देगा। नए शिक्षा सत्र से इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। पेड़ न लगाने पर,पेड़ों की सही देखभाल न करने पर नंबर भी काटने की तैयारी की जा रही है।

एक हजार गांवों को लिया जाएगा गोद
प्रदेश भर की सभी यूनिवर्सिटीस को कम से कम एक गांव को गोद लेना होगा। अब तक करीब 1000 गांवों को गोद लिया जा चुका है। गांवों को गोद लेने से स्टूडेंट्स में न केवल समाज सेवा की भावना आएगी, बल्कि वे ग्रामीण परिवेश तथा वहां की जीवन शैली से रूबरू हो पाएंगे। इन गांवों को गोद लेने वाली संस्थाएं छात्रों के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा पर्यावरण स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाएंगीं। ये जागरूक विद्यार्थी ही सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाएंगे।

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