MP सिविल जज भर्ती 2022: 148 आरक्षित पदों में से सिर्फ 6 पर चयन, DPSS डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष के घर का घेराव करेगा

MP Civil Judge Recruitment 2022 Reservation: दलित पिछड़ा समाज संगठन ने सिविल जज भर्ती 2022 में आरक्षण अनियमितताओं के विरोध में 19 नवंबर को भोपाल में डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष के घर का शांतिपूर्ण घेराव करने की घोषणा की है।

MP Civil Judge Recruitment 2022 DPSS protest siege of the bungalow of Umang Singhar and Jagdish Devda hindi news

हाइलाइट्स

  • मप्र सिविल जज भर्ती 2022
  • आरक्षण में अनियमितता का विरोध
  • DPSS भोपाल में करेगा प्रदर्शन

MP Civil Judge Recruitment 2022 Reservation: दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) ने 19 नवंबर, बुधवार सुबह 11:30 बजे भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के सरकारी आवास का एक साथ घेराव करेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव खुद इस आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। उनकी मांग है कि सिविल जज भर्ती 2022 को रद्द कर नई परीक्षा कराई जाए क्योंकि आरक्षण में अनियमितता हुई है।

हजारों कार्यकर्ताओं के आने का दावा, पुलिस तैयार

DPSS का कहना है कि बुधवार को हजारों की संख्या में कार्यकर्ता भोपाल पहुंचेंगे। दोनों आवासों के आसपास पुलिस बल पहले ही तैनात किया जा रहा है। संगठन ने कहा है कि हम शांतिपूर्वक घेराव करेंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे।

भर्ती में अनियमितता का आरोप

संगठन का आरोप है कि 191 पदों की भर्ती में आरक्षित वर्ग के साथ अन्याय हुआ है। कुल 191 पदों में सिर्फ 47 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया।

ST के 121 पद - एक भी चयन नहीं

SC के 18 पद - सिर्फ 1 चयन

OBC के 9 पद - 5 चयन

आरक्षित वर्ग के कुल 148 पदों में से सिर्फ 6 पर चयन

वर्गकुल पदचयनितखाली पद
ST1210121
SC18117
OBC954
कुल आरक्षित1486142
अनारक्षित43412
कुल पद19147144

DPSS का कहना है कि यह आरक्षण व्यवस्था के साथ खुला अन्याय है और इससे हजारों युवाओं में नाराजगी है। DPSS का दावा है कि ST वर्ग के 121 में से एक भी चयन न होना दिखाता है कि मेरिट लिस्ट में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है।

सिविल जज भर्ती 2022 रद्द करने की मांग

DPSS के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव की अगुवाई में सुबह 11:30 बजे से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव किया जाएगा। DPSS की मांग है कि सिविल जज भर्ती 2022 को पूरी तरह निरस्त किया जाए। नई और पारदर्शी परीक्षा आयोजित हो जिसमें आरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

DPSS की नाराजगी

दलित पिछड़ा समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री का कहना है कि ST के 121 पद खाली, SC और OBC के साथ भी भेदभाव, यह सोची-समझी साजिश है। तीन साल से अभ्यर्थी परेशान हैं और सरकार चुप है। अब हम पीछे नहीं हटेंगे।

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