MP में CS को‌ मिलेगा एक्सटेंशन: CS ने सभी ASC, PS से मांगा मार्च 26 तक का रोड मैप, बताएं हर महीने क्या करेंगे?

MP Chief Secretary New Circular: CS के सर्कुलर में स्पष्ट- किसी भी स्तर पर कमी में नुकसान ​विभाग प्रमुख के खाते में आएगा, इसमें कोई सुनवाई नहीं

MP Chief Secretary

हाइलाइट्स

  • विभाग प्रमुखों के खातों में आएगा नुकसान
  • हर महीने के काम की देना होगी जानकारी
  • पिछले साल के कामों की भी मांगी जानकारी

MP Chief Secretary New Circular: मध्यप्रदेश के ब्यूरोक्रेट्स को जारी नए सर्कुलर से मुख्य सचिव (CS) अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलना लगभग तय है। क्योंकि नए सर्कुलर में मुख्य सचिव ने पूरे सालभर के कामकाज का लक्ष्य दिया हैं। इसके तहत मुख्य सचिव (PS) ने सभी विभाग प्रमुखों, अपर मुख्य सचिव (ASC), प्रमुख सचिव और सचिवों से मार्च 2026 तक का रोड मैप मांगा हैं। इसमें यह भी पूछा हैं कि हर महीने क्या काम करेंगे। इसमें पिछले साल के काम की जानकारी भी मांगी है।

मुख्य सचिव अनुराग जैन का रिटायरमेंट अगस्त 2025 में होगा। जिसको अभी 4 महीने बाकी हैं। ऐसे में पूरे साल के कामकाज का लक्ष्य निर्धारित करने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा हैं कि उनका एक्सटेंशन बढ़ सकता है। सर्कुलर करीब आठ-दस पन्नों का है। इसमें स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर कमी होती है तो नुकसान भी विभाग प्रमुख के खाते में ही आएगा। फिर कोई सुनवाई नहीं की जाएगी।

8 से 9 कार्यों की समय सीमा तय

सर्कुलर में यह भी पूछा गया है कि किस योजना में माह में कितना बजट खर्च किया है? सीएस ने उसका भी ब्योरा मांगा है। सभी विभाग प्रमुखों की जवाबदारी तय की है। सीएस ने 8 से 9 कार्यों का चयन किया है। यह वो काम है, जिन कामों में अफसर ढिलाई बरतते थे, अब उसे भी समय सीमा में पूरा करना होगा।

1 से 3 माह में अमल में लाना होगा कैबिनेट फैसला

सर्कुलर में कैबिनेट के फैसलों को 1 से 3 महीने के भीतर अमल में लाने की बात कही है। पहले कैबिनेट के प्रोजेक्ट की मंजूरी देने के बाद डीपीआर बनाने में से फैसले के पालन में महीनों लगते थे, लेकिन अब उन फैसलों में शासकीय पत्रों के जवाब देने होंगे।

इसकी भी समय सीमा तय

- सीएम हेल्पलाइन और ई-ऑफिस के कार्य तय समय सीमा में पूरा करना होगा।
- एक माह में सीपी ग्राम पोर्टल के मामले निपटाने होंगे।
- 3 माह में कैग की आपत्तियों के जवाब देने होंगे।
- विधानसभा में मंत्री के आश्वासन के बाद अधिकारी को तीन महीने में काम पूरा करना होगा।
- 3 महीने सीएस की अध्यक्षता में बनी अंतरविभागीय कमेटी के सभी बिंदुओं के निपटाना होगा।
- 1 माह में सीएस मॉनिट के सारे मामले निपटाने की मियाद होगी।

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