Contaminated Water Crisis: छिंदवाड़ा में डायरिया का प्रकोप, 233 लोग बीमार, 10 रेफर, कुएं में मृत पक्षी मिले, पानी दूषित

Madhya Pradesh (MP) Chhindwara Amarwara Contaminated Water Crisis Update: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम राजोला में मंगलवार (14 अक्टूबर) दोपहर अचानक ग्रामीणों में उल्टी-दस्त के मामले तेजी से बढ़ने लगे

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हाइलाइट्स

  • राजोला में दूषित पानी से 233 लोग बीमार

  • कुएं में मिले मृत पक्षी, 10 मरीज रेफर

  • कलेक्टर रातभर गांव में डटे रहे

MP Chhindwara Contaminated Water Crisis: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में डायरिया का मामला सामने आया है। अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम राजोला में मंगलवार (14 अक्टूबर) दोपहर अचानक ग्रामीणों में उल्टी-दस्त के मामले तेजी से बढ़ने लगे। खबर मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने एसडीएम अमरवाड़ा हेमकरण धुर्वे, स्वास्थ्य अमला और प्रशासनिक टीम को तत्काल गांव रवाना किया। टीम ने पहुंचते ही प्रभावित इलाकों का सर्वे शुरू किया और कुछ ही घंटों में गांव में पंचायत भवन को अस्थायी अस्पताल (Temporary Hospital) में तब्दील कर दिया गयी।

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233 ग्रामीणों का उपचार, 10 गंभीर मरीज रेफर

शाम तक स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को संभालते हुए कुल 233 ग्रामीणों का इलाज किया। इनमें से 93 मरीजों को ड्रिप लगाई गई, जबकि 10 की हालत गंभीर होने पर उन्हें सिंगोड़ी अस्पताल रेफर किया गया। बाकी 150 ग्रामीणों को दवाएं दी गईं और निगरानी में रखा गया। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने गांव में 4 एम्बुलेंस (Ambulance) तैनात की हैं ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत जिला अस्पताल भेजा जा सके।

[caption id="" align="alignnone" width="1600"]publive-image ग्रामीण।[/caption]

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कलेक्टर ने देर रात तक संभाली स्थिति

कलेक्टर हरेंद्र नारायन और जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार देर रात तक गांव में ही मौजूद रहे। उन्होंने अस्थायी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। प्रशासन ने दावा किया कि तत्परता से की गई कार्रवाई के कारण फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

कुएं के दूषित पानी से फैली बीमारी की आशंका

जांच में सामने आया कि गांव के एक कुएं में चार मृत पक्षी पाए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि संभवतः इसी दूषित पानी (Contaminated Water) के सेवन से बीमारी फैली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कुएं के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे, जिनकी रिपोर्ट में पानी दूषित पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद कुएं को खाली कराया जा रहा है और फिलहाल गांव को वैकल्पिक जल स्रोत से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

[caption id="" align="alignnone" width="1600"]publive-image गांव के एक कुएं में चार मृत पक्षी पाए गए।[/caption]

FAQs

Q. छिंदवाड़ा के राजोला गांव में बीमारी फैलने की वजह क्या रही?
जांच में सामने आया कि गांव के कुएं में चार मृत पक्षी पाए गए थे। संभवतः इसी दूषित पानी के सेवन से उल्टी-दस्त और संक्रमण की बीमारी फैली। जल विभाग ने सैंपल जांच में पानी को दूषित पाया है।

Q. अब तक कितने लोग बीमार हुए और कितनों को अस्पताल भेजा गया?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक कुल 233 ग्रामीण बीमार हुए। इनमें से 93 को ड्रिप दी गई, 10 गंभीर मरीजों को सिंगोड़ी अस्पताल रेफर किया गया, जबकि 150 लोगों को दवाएं देकर निगरानी में रखा गया।

Q. प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने गांव में अस्थायी अस्पताल बनाकर इलाज शुरू किया, 4 एम्बुलेंस तैनात कीं और कलेक्टर हरेंद्र नारायन स्वयं देर रात तक गांव में मौजूद रहे। दूषित कुएं को खाली कराया जा रहा है और फिलहाल वैकल्पिक जल स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

Cough Syrup Case: श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर रंगनाथन को कांचीपुरम लेकर पहुंची SIT, महिला केमिस्ट को किया गिरफ्तार

छिंदवाड़ा के चर्चित कोल्ड्रिफ कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) कांड में बड़ी कार्रवाई हुई है। मध्य प्रदेश की विशेष जांच टीम (SIT) श्रीसन फार्मा (Shrisun Pharma) के डायरेक्टर जी. रंगनाथन को तमिलनाडु के कांचीपुरम लेकर पहुंची है। साथ ही कंपनी की महिला केमिस्ट को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों को जल्द ही छिंदवाड़ा लाया जाएगा। पुलिस ने अब तक इस केस में पांच लोगों पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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