MP कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड: जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मिले पूर्व CM कमलनाथ, बोले- इसके लिए सरकार जिम्मेदार

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया।

MP कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड: जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मिले पूर्व CM कमलनाथ, बोले- इसके लिए सरकार जिम्मेदार

हाइलाइट्स

  • छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कप सिरप से बच्चों की मौत का मामला।
  • पूर्व सीएम कमलनाथ ने परासिया में पीड़ित परिवारों से की मुलाकात।
  • कमलनाथ बोले: पीड़ित परिवारों को 50 लाख मुआवजा दे सरकार।

MP Coldrif Cough Syrup Tragedy: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से कई मासूम बच्चों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर दुख जताया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया और उच्च स्तर पर जांच की मांग की। साथ ही कमलनाथ ने मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए।

सिरप कांड के लिए सरकार जिम्मेदार

छिंदवाड़ा में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत के बाद शोक और गुस्से का माहौल है। इस बीच रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ परासिया पहुंचे। उन्होंने कफ सिरप से जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। परिजन अपना दुख बयां करते हुए फूट-फूट कर रो पड़े। कमलनाथ ने मृत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "इस दर्द को सहन नहीं कर पा रहा हूं। सरकार इस त्रासदी की जिम्मेदार है।"

https://twitter.com/OfficeOfKNath/status/1977271620747378761

पीड़ित परिजनों के दर्द से भावुक हुए कमलनाथ

जहरीले कफ सिरप से अपने मासूम बच्चों को खो चुके परासिया के पीड़ित परिजनों से जब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ रविवार को मिले, तो वहां गम और गुस्से का मंजर देखने को मिला। परिजन अपनी दर्द बयां करते हुए बिलख उठे। उनके आंसू और दर्द सुनकर कमलनाथ खुद को भी संभाल नहीं सके और भावुक हो गए।

कमलनाथ ने कहा, "यह पूरी घटना राज्य सरकार की घोर लापरवाही का परिणाम है। सरकार ने ऐसी प्रतिबंधित दवाइयां खरीदीं, जिनमें जहरीला तत्व मिला हुआ था। यह मानवता के खिलाफ अपराध है। संबंधित डॉक्टरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी एफआईआर होनी चाहिए।"

परिजनों से देर से मिलने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "सच कहूं तो मुझमें आप सबका सामना करने की हिम्मत नहीं थी। इसलिए पहले जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को भेजा था। मैं नहीं चाहता था कि यहां भीड़ इकट्ठी हो। मैं इस असहनीय दुख को सहन नहीं कर पा रहा था।" कमलनाथ ने आगे कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़े हैं और जो भी मदद संभव होगी, वे उसके लिए तैयार हैं।

सरकार पर लापरवाही का आरोप

कमलनाथ ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "सरकार ने कभी दवाइयों की टेस्टिंग नहीं करवाई। आज भी कई ऐसी दवाइयाँ बाजार में हैं जो बिना परीक्षण के बिक रही हैं।"

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छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू को दी चुनौती

परासिया में पीड़ित परिजनों से मुलाकात के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मुआवजे को लेकर कहा कि मैंने मुख्यमंत्री से बात की है। मुख्यमंत्री और सरकार को मिलकर कुछ करना चाहिए।

उन्होंने छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू को चुनौती देते हुए कहा, "अगर उन्हें पीड़ितों का दर्द वाकई समझ आता है, तो आगे बढ़ें और खुद सरकार से मुआवजा दिलवाएं।"

नकुलनाथ ने भी भरोसा दिलाया कि वे न्याय की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही स्थानीय विधायक सोहन वाल्मीकि को निर्देश दिए कि वे पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहें और हरसंभव मदद करें।

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विशेष विमान से पहुंचे, परासिया में 20 मिनट रहे

कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार सुबह 10:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से छिंदवाड़ा पहुंचे थे, फिर हेलीकॉप्टर से परासिया आए। 11:20 से 11:40 बजे तक उत्सव मैरिज लॉन में पीड़ित परिवारों से मिले और मीडिया से बातचीत कर लौट गए। पिता-पुत्र की ये यात्रा तीन दिवसीय दौरे का हिस्सा है। पहले दिन उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की, जबकि आगामी दो दिन वे पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

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