MP Triple Talaq BigBreaking : मध्यप्रदेश में एक तलाक ऐसा भी ! फोन कॉल और एसएमएस से दिया तीन तलाक, FIR दर्ज

मध्यप्रदेश के शहर इंदौर में एक महिला को फोन कॉल और एसएमएस से तीन तलाक देने के आरोप में उसके शौहर पर मामला दर्ज किया गया है।

MP Triple Talaq BigBreaking : मध्यप्रदेश में एक तलाक ऐसा भी ! फोन कॉल और एसएमएस से दिया तीन तलाक, FIR दर्ज

इंदौर। MP Triple Talaq BigBreaking  मध्यप्रदेश के शहर इंदौर में एक महिला को फोन कॉल और एसएमएस से तीन तलाक देने के आरोप में उसके शौहर पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उप निरीक्षक मनीषा दांगी ने बताया कि शहर के खजराना क्षेत्र में रहने वाली महिला की शिकायत पर उसके शौहर इमरान (32) के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 और भारतीय दंड विधान के संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जाने क्या है पूरा मामला

यहां पर मामले को लेकर उन्होंने बताया कि आरोपी राजस्थान के अजमेर का रहने वाला है। दांगी ने बताया कि पीड़ित महिला ने इमरान से तीसरा निकाह किया था और पिछली दो शादियों से उसके तीन बच्चे हैं, जबकि इमरान के बारे में पता चला है कि वह इंदौर निवासी महिला के अलावा तीन अन्य महिलाओं से भी कथित तौर पर शादी कर चुका है। उप निरीक्षक ने बताया कि इंदौर निवासी महिला का एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिये इमरान से संपर्क हुआ था। उन्होंने आरोपों के हवाले से बताया कि इमरान ने अपने विवाहित होने की बात छिपाकर इस महिला से निकाह किया था और उसे झांसा भी दिया था कि वह उसके और पिछली शादियों से हुए उसके बच्चों के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा।

पिछली शादियों पर जताई थी आपत्ति

दांगी के मुताबिक जब महिला को इमरान की पिछली शादियों के बारे में पता चला, तो उसने आरोपी के सामने कड़ी आपत्ति जताई जिससे दोनों के बीच अनबन रहने लगी। उन्होंने बताया कि महिला के शौहर इमरान ने दोनों के बीच वैवाहिक रिश्ते को तुरंत खत्म करने की नीयत से उसे कथित रूप से फोन कॉल और एसएमएस के जरिये ‘‘तलाक, तलाक, तलाक' कहा। उप निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। गौरतलब है कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 एक साथ तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध खत्म करने की प्रथा पर रोक लगाता है। इस कानून में मुजरिम के लिए तीन साल तक के कारावास का प्रावधान है।

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