MP Cabinet Meeting: एमपी के इन 3 जिलों में नक्सलवाद के सफाए के लिए 850 पद मंजूर, मिलेगा 25 हजार मानदेय

Meta Description; Madhya Pradesh CM Mohan Yadav Cabinet Meeting 2025 Updates; सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। जिसके मुताबिक बालाघाट, मंडला, डिंडौरी जिले से नक्सलवाद के सफाए के लिए 850 कार्यकर्ताओं के पद मंजूर किए गए हैं, इन्हें हर महीने 25 हजार मानदेय दिया जाएगा।

MP Cabinet Meeting 2025

MP Cabinet Meeting: सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 6 मई को मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट में निर्णय लिया कि बालाघाट, मंडला, डिंडौरी से नक्सलवाद के सफाए के लिए 850 कार्यकर्ताओं के पद मंजूर किए गए हैं, इन्हें हर महीने 25 हजार मानदेय दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के पैरालंपिक मेडलिस्ट रुबीना फ्रांसिस और कपिल परमार को 1-1 करोड़ दिए जाएंगे।

कैबिनेट के फैसलों जानकारी देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस साल 8 लाख 76 हजार किसानों से 81 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की गई है। पिछले साल 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था।

गेहूं की रिकॉर्डतोड़ खरीदी

गेहूं के उपार्जन में इस बार भी मप्र ने रिकॉर्डतोड़ खरीदी की है। बोनस प्रोत्साहन राशि 175 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को दी गई थी इस कारण अधिकांश किसानों ने खरीदी केंद्रों पर पहुंच कर गेहूं बेचा है। दूसरे सिंचाई का रकबा बड़ा है, सिंचाई योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंच रहा है। खेती अच्छी हो रही है। इस साल अब तक 8 लाख 76 हजार किसानों से 81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। पिछली बार 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई थी।

नक्सवाद के सफाए के लिए 850 पद मंजूर

नक्सलवाद को लेकर देश और प्रदेश की सरकार सक्रियता से काम कर रही। नक्सली लगातार समर्पण कर रहे हैं। अभी तीन जिलों- बालाघाट, मंडला, डिंडौरी में नक्सलियों का आवागमन है। इस पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए इन जिलों में गांववासियों के बीच में से ही कार्यकर्ता तैयार कर रहे हैं। इसके लिए 850 पद मंजूर किए गए हैं। इन कार्यकर्ताओं को हर महीने 25 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा।

पैरालंपिक मेडलिस्ट रूबीना और कपिल परमार को मिलेंगे 1-1 करोड़

[caption id="attachment_810333" align="alignnone" width="896"]publive-image जूडो खिलाड़ी कपिल परमार और शूटर रूबीना फ्रांसिस, ने पेरिस पैरालंपिक में मेडल जीते थे।[/caption]

पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद को सरकार ने एक करोड़ रुपए दिए थे। इसके बाद पैराओलंपिक में मेडल जीतने वाली मध्यप्रदेश की शूटर रूबीना फ्रांसिस और जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने भी मांग की थी, उन्हें भी एक-एक रोकड़ रुपए दिए जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने यह राशि देने की घोषणा की थी। उसे आज कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यानी अब जबलपुर की निशानेबाज रूबीना फ्रांसिस और सीहोर के जूडो प्लेयर कपिल परमार को 1-1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

पचमढ़ी में 395.93 हेक्टेयर जमीन नजूल घोषित

पचमढ़ी शहर को अभयारण्य से बाहर करने का निर्णय किया गया है। इसमें पचमढ़ी की 395.93 हेक्टेयर जमीन को नजूल घोषित किया जाएगा।। इसके बाद यहां जमीन की खरीद फरोख्त हो सकेगी। इस निर्णय के बाद पचमढ़ी अभयारण्य का नोटिफिकेशन फिर जारी होगा। यह फैसला मप्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय आने के बाद किया है।

ये भी पढ़ें: यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निपटान शुरू: पीथमपुर में हर घंटे 270 किलो कचरा नष्ट, 55 दिन में पूरी होगी प्रोसेस

एमपी सरकार ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 18 (1) के अंतर्गत एक जून 1977 को पचमढ़ी अभयारण्य को अधिसूचित किया था। इस दौरान अभयारण्य में शामिल किए गए और बाहर किए जाने वाले एरिया को सीमांकित नहीं किया गया था। इसके चलते यहां कोई गतिविधि सरकार नहीं कर पा रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अब यहां की 395.93 हेक्टेयर जमीन को नजूल भूमि घोषित की जाएगी। इसके बाद यह पचमढ़ी भूमि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Special Area Development Authority) के स्वामित्व में आ जाएगी और यहां विकास कार्यों में तेजी आएगी।

MP स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा: जुड़वां बहनों ने एक अंकसूची से की 18 साल नौकरी, जानें कैसे पकड़ी गईं

MP Teacher Scam

MP Teacher Scam: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी स्कूलों में नौकरी करने वाले शिक्षकों का बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। शिक्षा विभाग की जांच में ऐसे 19 शिक्षक मार्क किए गए, जिनकी मार्कशीट और एजुकेशन डॉक्युमेंट्स में गंभीर गड़बड़ी पाई गई।  इसी से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें जुड़वां बहनों की जोड़ी ने एक ही नाम और एक ही अंकसूची का उपयोग कर अलग-अलग स्कूलों में नौकरी कर ली। दोनों ने 18 साल तक नौकरी की और 80-80 लाख रुपए से अधिक वेतन भी ले लिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article