एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 जिलों के सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी बेड क्षमता, 810 नए पदों पर भर्ती का ऐलान

MP Cabinet Decisions: आज मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सुबह 11:30 बजे कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में  बड़े एजेंडे पर चर्चा हुई

एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 जिलों के सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी बेड क्षमता, 810 नए पदों पर भर्ती का ऐलान

MP Cabinet Decisions: आज मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सुबह 11:30 बजे कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में  बड़े एजेंडे पर चर्चा हुई , जिनमें स्वास्थ्य विभाग के दो अहम प्रस्ताव भी शामिल हैं।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि किसानों को 0% ब्याज पर दिया जाने वाला ऋण जारी रहेगा, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज के उपलब्ध होगा। इसके साथ ही राज्य के अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

किसानों के लिए फैसले

किसानों को 0% ब्याज पर दिया जाने वाला ऋण जारी रहेगा।

अब किसानों को ₹3 लाख तक का लोन 0% ब्याज पर मिलेगा।

अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार

प्रदेश के अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी, विशेषकर टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी के अस्पतालों में। कुल मिलाकर बेड संख्या 1000 से बढ़कर 1800 हो जाएगी। इसके लिए 810 नए पद सृजित किए जाएंगे।

प्रत्येक जिले के अस्पतालों में बेड संख्या

टीकमगढ़: 300 से बढ़कर 500

नीमच: 200 से 400

सिंगरौली: 200 से 400

श्योपुर: 200 से 300

डिंडोरी: 100 से 200

सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है, साथ ही 810 नए पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है। किसानों को 0% ब्याज पर दिए जाने वाले लोन की योजना भी जारी रहेगी।

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सस्टेनेबल डेवलपमेंट के तहत बेहतर काम करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में एक करोड़ रुपये और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 75 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सागर जिले में एक नवीन सिविल जज न्यायालय की स्थापना को स्वीकृति मिली है, साथ ही संबंधित पदों की भी मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के साथ सागर जिले में एक नया न्यायालय खंड बनाया जाएगा। इसमें 7 नए पदों का सृजन होगा।

रेजिडेंसीफिकेशन पॉलिसी-2022 में संशोधन

राज्य सरकार ने रेजिडेंसीफिकेशन पॉलिसी-2022 में संशोधन किया। अब सभी प्रोजेक्ट कलेक्टर की गाइडलाइन के अनुसार 100% आधार पर बनाए जा सकेंगे। इससे शहरी विकास और निर्माण कार्यों में और गति आएगी और नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

रीडेंशिफिकेशन पॉलिसी क्या होती है

रिडेंसिफिकेशन योजना में ऐसी सरकारी संपत्ति ली जाती है, जिसकी जमीन का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है। इन लोकेशन पर सरकार शॉपिंग कॉम्पलेक्स, सरकारी भवन और आवास बनाएगी। सरकारी संपत्ति का करीब 30% हिस्सा बिल्डर या डेवलपर को दिया जाएगा। इसके एवज में सरकार संबंधित डेवलपर से तय रकम लेगी। इससे बाकी 70% हिस्से पर निर्माण कार्य कराएगी।

सरकार ने जिलों में सर्वे कराया

सरकार सभी जिलों में रीडेंसीफिकेशन के लिए सर्वे शुरू करवा चुकी है। यह सर्वे कराया गया है कि कितनी सरकारी जमीन खाली पड़ी है। इसका कैसे उपयोग होगा। ऐसी कौन सी सरकारी इमारतें और परिसर है, जो वर्षों पुराने हो चुके है। इनकी जगह नए प्रोजेक्ट में दुकानें और कॉम्पलेक्स बनाकर आय कैसे बढ़ाई जा सकती है। इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली आय से उसी जिले में दूसरे विकास के काम हो सकेंगे।

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