Burhanpur Bribery Case: MP में रिश्वत लेते पकड़ाए डिप्टी रेंजर ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में 5 लोगों पर लगाए आरोप

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में डिप्टी रेंजर अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। लोकायुक्त की टीम ने उन्हें कुछ दिन पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है।

Burhanpur Bribery Case: MP में रिश्वत लेते पकड़ाए डिप्टी रेंजर ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में 5 लोगों पर लगाए आरोप

हाइलाइट्स

  • बुरहानपुर में डिप्टी रेंजर ने की आत्महत्या की कोशिश।
  • रिश्वत लेते पकड़े गए डिप्टी रेंजर ने खुद को मारी गोली।
  • सुसाइड नोट में 5 लोगों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप।

Burhanpur Bribery Case Deputy Ranger Attempts Suicide: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर में रिश्वत केस में पकड़े गए एक डिप्टी रेंजर ने खुद को लाइसेंसी बंदूक से गोली मार ली। गोली उनके पेट में गोली लगी है। गंभीर रूप से घायल अधिकारी को बुरहानपुर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। लोकायुक्त की टीम ने डिप्टी रेंजर को कुछ दिन पहले तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया गया था। अधिकारी ने आत्महत्या के प्रयास से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने 5 लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले में की जांच कर रही है।

रिश्वत केस के बाद आत्मघाती कदम!

बुरहानपुर के नेपानगर की न्यू कॉलोनी में सोमवार दोपहर डिप्टी रेंजर कृष्ण कुमार बर्मन ने अपने आवास पर लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। गोली उनके पेट में लगी है। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अधिकारी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पहले उन्हें नेपानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बुरहानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा कुछ दिन पहले ही रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद वे मानसिक दबाव में थे।

सुसाइड नोट में 5 लोगों पर प्रताड़ना के आरोप

धूलकोट क्षेत्र के बोरी बुजुर्ग वृत्त में पदस्थ डिप्टी रेंजर कृष्ण कुमार बर्मन ने खुद को गोली मारने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा। पुलिस अधीक्षक के नाम छोड़े गए सुसाइड नोट में डिप्टी रेंजर ने पांच लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और फंसाने का आरोप लगाया है। आरोपियों में रेंजर शंकर सिंह चौहान, वनपाल नारायण, शिकायतकर्ता सदाशिव डावर, दिलीप बामन्या और बोरी बुजुर्ग में कियोस्क सेंटर के संचालक नवल का नाम शामिल है।

लिखा- आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई

सुसाइड नोट में डिप्टी रेंजर ने लिखा है कि आरोपियों ने मानसिक प्रताड़ना दी है। उन्हें षड्यंत्रपूर्वक लोकायुक्त से फर्जी ट्रैप करवाकर उनकी छवि को जानबूझकर बदनाम किया गया। इसी कारण वे बेहद आहत और मानसिक रूप से दुखी हैं। उन्होंने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि उनकी मौत के बाद पुलिस इन पांचों लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह की प्रताड़ना का शिकार न हो।

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तीन हजार रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार

बता दें कि 16 सितंबर को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने डिप्टी रेंजर कृष्ण कुमार बर्मन को तीन हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता सदाशिव डावर की की शिकायत के बाद की गई थी। उसी के बाद से बर्मन मानसिक दबाव में थे। आरोप है कि हितग्राही से वन भूमि के पट्टे पर पीएम आवास योजना के मकान निर्माण की अनुमति देने के एवज में रिश्वत की मांगी गई थी।

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वन विभाग और पुलिस ने शुरू की जांच

वन विभाग के एसडीओ विक्रम सुलिया ने बताया कि बर्मन कुछ समय से तनाव में थे। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने कहा कि मामला गंभीर है और गहन जांच की जा रही है। फिलहाल वन विभाग और पुलिस के अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।

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