MP Board 5th-8th : बड़ी खबर! 12 साल बाद एक बार फिर 5वीं, 8 वीं परीक्षाएं होंगी ​बोर्ड, इसी सत्र से होगी लागू

MP Board 5th-8th : बड़ी खबर! 12 साल बाद एक बार फिर 5वीं, 8 वीं परीक्षाएं होंगी ​बोर्ड, इसी सत्र से होगी लागू mp-board-5th-8th-big-news-after-12-years-once-again-there-will-be-5th-8th-examinations-the-board-will-be-applicable-from-this-session

MP Board 5th-8th : बड़ी खबर! 12 साल बाद एक बार फिर 5वीं, 8 वीं परीक्षाएं होंगी ​बोर्ड,  इसी सत्र से होगी लागू

भोपाल। स्कूल विद्यार्थियों के MP Board 5th-8th लिए एक बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा फिर से एक बदलाव किया जा सकता है। एमपी बोर्ड फिर से सरकारी व निजी स्कूलों में पांचवी व आठवीं को एक बार फिर से बोर्ड परीक्षा में बदलने जा रहा है। ​इसका संचालन इसी सत्र से किया जाएगा। आपको बता दें दो साल पहले पांचवी व आठवीं की बोर्ड परीक्षाए करवाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन कोविड के चलते ऐसा नहीं हो पाया था।

लेकिन इस सत्र से एक बार फिर यह परीक्षा बोर्ड पैटर्न से ही होगी। फिलहाल जो कोरोना की स्थिति है उसे देखते हुए 5वीं, 8वीं की परीक्षा ऑफलाइन कराने के फैसला लिया है। इस आदेश से पैरेंट्स को काफी राहत मिलेगी, हालांकि कोरोना को लेकर भी उनमें डर बना हुआ। आपको बता दें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 5वीं और 8वीं की बोर्ड एग्जाम को खत्म कर दिया गया था। अब 12 साल बाद एक बार फिर से बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाएं की जाएंगी।

दरअसल शुक्रवार को मिंटो हाल में मप्र स्कूल शिक्षा विभाग व नई शिक्षा नीति 2020 पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई थी। जिसमें शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, भारतीय संस्कृति, सभ्यता और गौरव की पुनर्स्थापना के साथ ही भारत को विश्व का सिरमौर बनाने की दिशा में आजादी के बाद उठाया गया सबसे महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों का मूल्यांकन, परीक्षाओं के वर्तमान स्वरूप के अलावा विद्यार्थी की समग्र योग्यता की दृष्टि से विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन के लिए भाषा की महत्ता पर जोर देते हुए मातृभाषा में अध्ययन और अध्यापन की बात भी रखी।

प्रदेश में खुलेंगे 53 विश्व स्तरीय स्कूल
परमार के अनुसार प्रदेश में 53 विश्व-स्तरीय स्कूल बनाए जा रहे हैं और शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार के लिए 350 सीएम राइज स्कूल की स्थापना की जा रही है। इसका फायदा ये होगा कि विद्यार्थी देश के अन्य राज्यों की भाषा का ज्ञान भी ले सकेंगे।

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