एमपी के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल के कलमा पढ़ने पर गरमाई सियासत: हिंदू संगठनों ने दे डाली ये चेतावनी

MP BJP Minister Gotam Tetwal: बीजेपी नेता गौतम टेटवाल के कलमा पढ़ने पर सियासत गरमाई। संत समाज के लोगों ने दी ये चेतावनी

एमपी के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल के कलमा पढ़ने पर गरमाई सियासत: हिंदू संगठनों ने दे डाली ये चेतावनी

MP BJP Minister Gotam Tetwal: मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने राजगढ़ की मऊ ग्राम पंचायत में अजान सुनते ही अपना भाषण रोका दिया था। इसके बाद उन्होंने मंच से कलमा भी पढ़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई। प्रदेश के हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना का विरोध किया। जबकि मुस्लिम संगठन मंत्री के समर्थन में उतर आए। वहीं संत समाज ने मंत्री से माफी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर मंत्री माफी नहीं मांगते हैं तो वे उनके बंगले पर धरना देंगे। वहीं कांग्रेस ने इसे बीजेपी का दोहरा चरित्र बताया है।

कांग्रेस बीजेपी आमने सामने

मंत्री टेटवाल के कलमा पढ़ने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस भी आमने सामने आ गईं। कांग्रेस नेता शैलेंद्र पटेल ने कहा कि बीजेपी एक तरफ तोड़ने की बात करती है। दूसरी तरफ जोड़ने की बात करते हैं। यह बीजेपी का दोहरा चरित्र है। वहीं इस पर बीजेपी नेता लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि टेटवाल जी हिंदू हैं सबका सम्मान करते हैं। लेकिन जिनका सम्मान किया है वहां के कुछ लोग उपद्रव करते हैं उनके नेताओं को सीखना चाहिए सद्भाव कैसे रखा जाता है। वहीं बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि इसमें कुछ आमान्य नहीं है। देश एक होगा तो तरक्की करेगा।

संत समाज ने दी चेतावनी

अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानांद ने मंत्री टेटवाल को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने अपने कृत्य के लिए माफी नहीं मांगी तो संत समाज उनके बंगले पर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि मंत्री की मति भ्रष्ट हो चुकी है और यह उनकी घिनौनी हरकत है। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

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उलेमा बोर्ड के अध्यक्ष ने किया समर्थन

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष काजी अनस अली ने कहा है कि मंत्री गौतम टेटवाल ने मंच से सभी धर्मों के सम्मान करने की नसीहत दी है, जो कि देश के संविधान में भी वर्णित है। उन्होंने कहा कि मंत्री ने जैसा दिखाया है, वैसा ही व्यवहार करना चाहिए। यदि कोई मुस्लिम है तो उसे इस्लाम का पैगाम लेकर जाना चाहिए और यदि कोई हिंदू है तो उसे अशांति नहीं फैलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वे आतंकवादी और अलगाववादी विचारधारा के हैं।

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