भोपाल में गर्मी का बुरा असर: 18 दिनों में आए 7,000 से ज्यादा डायरिया पेशेंट, बुखार-डिहाइड्रेशन और वायरल के भी मरीज बढ़े

Bhopal Diarrhea Cases: भोपाल में अप्रैल की चढ़ती गर्मी अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। राजधानी के जेपी अस्पताल और हमीदिया अस्पताल में पिछले 18 दिनों के भीतर करीब 7 हजार डायरिया के मरीज दर्ज किए गए हैं।

Bhopal diarrhea cases

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Bhopal Diarrhea Cases: भोपाल में अप्रैल की चढ़ती गर्मी अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। राजधानी के जेपी अस्पताल और हमीदिया अस्पताल में पिछले 18 दिनों के भीतर करीब 7 हजार डायरिया के मरीज दर्ज किए गए हैं। बीमारियों का यह आंकड़ा राजधानी ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों रीवा, सागर और डिंडोरी से भी मरीजों की आमद के चलते और अधिक चिंताजनक बन गया है।

प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और झुलसाती गर्मी से डिहाइड्रेशन, वायरल फीवर, पेट संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि भोपाल के जेपी अस्पताल और हमीदिया हॉस्पिटल के जनरल वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं। वहीं, एम्स और शहर के निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

गर्मी और अव्यवस्थित खानपान बना बड़ा कारण

चिकित्सकों के मुताबिक, तेज गर्मी के साथ-साथ अस्वच्छ खानपान, खुले में बिक रहे खाने-पीने की चीज़ें, और दूषित पानी डायरिया और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके चलते पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक केस दर्ज किए गए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही इन बीमारियों का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रमुख अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। अस्पतालों में दवाइयों और ORS की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे उबला हुआ या फिल्टर्ड पानी पिएं, बाहर के कटे-फटे फल और खुले में बिकने वाला खाना न खाएं।

ग्रामीण इलाकों से भी लगातार आ रही शिकायतें

केवल शहरी क्षेत्र ही नहीं, रीवा, सागर और डिंडोरी जैसे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से भी उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीज भोपाल के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में स्वच्छ पेयजल की कमी और जागरूकता की कमी के चलते समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है।

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MP में मौसम का कहर

बता दें, एमपी के शहरों में बीमारियों के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण गर्मी की तपन है। अप्रैल (April) का तीसरा सप्ताह समाप्ति की ओर है, लेकिन दिन का पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया है। पहली बार एमपी (MP) के शहरों में इतने तपन देखने को मिल रही है, जो चिंता का विषय है।

इसके अलावा मार्च महीने की शुरुआत गर्मी से, फिर कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला और अब एक बार फिर से तापमान में अचानक बढ़ोतरी (Increase in Temperature) के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

MP में कोयले पर सबसे बड़ी कार्रवाई: 10 से अधिक खदानें सील कर 30 टन अवैध कोयला हुआ जब्त, तीन माफिया गिरफ्तार

MP Illegal Coal Mining Shahdol

MP Illegal Coal Mining: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस ने कोयले के अवैध खनन पर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए 10 से अधिक अवैध खदानों को सील कर दिया। अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा गांव में ये खदानें बिना किसी अनुमति और सुरक्षा उपायों के चलाई जा रही थीं। पुलिस ने जेसीबी मशीनों की मदद से इन सुरंगों को मिट्टी से भरवाकर पूरी तरह बंद कर दिया।पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें..

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