JNCH में आयुष्मान से इलाज बंद: मरीजों को नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में डॉक्टर ही नहीं

Bhopal Cancer Hospital: भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल (JNCH) में आयुष्मान योजना बंद है। जिसके कारण गरीब मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं अस्पताल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में डॉक्टर नहीं हैं।

Bhopal Cancer Hospital

हाइलाइट्स

  • JNCH में दो सप्ताह से आयुष्मान के तहत उपचार बंद
  • न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग बंद
  • रेडियोथैरेपी विभाग में रेडिएशन का खतरा

Bhopal Cancer Hospital: भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल (JNCH) में आयुष्मान योजना बंद है। जिसके कारण गरीब मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं अस्पताल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में डॉक्टर नहीं हैं। यह सब अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की शिकायतें हैं। हालांकि,अस्पताल प्रबंधन व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होने का दावा कर रहा है।

दर्जनभर से ज्यादा विशेषज्ञों ने नौकरी छोड़ी

जानकारी के मुताबिक, पिछले ढाई वर्ष में अस्पताल में कार्यरत 13 से ज्यादा प्रमुख विशेषज्ञ, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, ऑन्कोसर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, रेडियोथैरेपी विशेषज्ञ अस्पताल छोड़ कर जा चुके हैं। 10 महीने पहले इस विभाग के डॉ. गौरव दुबे भी नौकरी छोड़ चुके हैं। इनके बाद से न्यूक्लिर मेडिसिन जैसा अहम विभाग बंद हो गया है। बताते हैं यहां बड़ी संख्या में कैंसर मरीज इलाज के लिए आते थे, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है।
विभाग में बंद जैसे हालात के कारण जांच की मशीन गामा कैमरा का भी इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

रेडिएशन फैलने की आशंका

अस्पताल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अस्पताल के रेडियोथैरेपी विभाग में कोबाल्ट थैरेपी और ब्रेकीथैरेपी मशीन से होती है, क्योंकि इनमें दो क्यूरी पॉवर तक का रेडियो एक्टिव सोर्स उपयोग में लाया जाता है। जिसमें लिक्विड रेडियो आइसोटोप्स के इंजेक्शन की तुलना में दो सौ गुना ज्यादा पॉवर का रेडियो एक्टिव मटेरियल प्रयुक्त होता है। इस लिहाज से यहां से रेडिएशन फैलने की आशंका बनी रहती है। आसपास घनी बस्ती और टीबी अस्पताल है। इस रेडिएशन से लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

दो मशीनें 20-25 साल पुरानी

JNCH में अति संवेदनशील रेडियोएक्टिव उपकरण और रेडियो थैरेपी की तीन प्रमुख मशीनों- कोबाल्ट THERATRON 780C यूनिट, लीनियर एक्सीलेटर और Halcyon में से दो मशीनें 20-25 साल पुराने मॉडल की हैं जो उपयोग योग्य नहीं हैं।

स्टाफ कर्मचारियों का पलायन !

कोबाल्ट 780C मशीन को कस्टम विभाग ने एक साल पहले सीज कर लिया था। नियमानुसार उसका सोर्स BARC के एटॉमिक एनर्जी रेगुलेशन बोर्ड के विशेषज्ञों के सुपरविजन में वापस किया जाना था, लेकिन सूत्रों के अनुसार वो मशीन सवा साल से अभी भी उसी रूम में रखी है और उसमें रेडियो एक्टिव मटेरियल (सोर्स) मौजूद है।

तीन वर्ष पहले मई 2022 में कैंसर अस्पताल की अनेक शिकायतों के बाद अस्पताल से शुरू हुआ विशेषज्ञों, रेडियोग्राफर, तकनीकी कर्मियों का पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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JNCH के MD ने कहा- न कोई विभाग बंद, न आयुष्मान योजना

JNCH में मौजूदा समस्याओं के बारे में अस्पताल के एमडी किसलय शर्मा ने कहा कि न तो न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग बंद है और न ही आयुष्मान योजना से इलाज बंद हुआ है। अस्पताल में डॉक्टर्स की भी कमी नहीं है और मरीज भी खूब आ रहे हैं। अस्पताल को लेकर जो खबरें फैलाई जा रही हैं वो निराधार हैं।

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