MP Bhopal Airport: भोपाल एयरपोर्ट बना मध्य प्रदेश का पहला B-777 लैंडिंग एयरपोर्ट, अब उतर सकेंगी लंबी दूरी की फ्लाइट !

MP Bhopal Airport: भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने 25 मार्च 2025 को इतिहास रचते हुए पहली बार Boeing 777-300ER की सफल लैंडिंग करवाई। यह मध्य प्रदेश का पहला एयरपोर्ट बन गया है जहां इतने बड़े विमान उतर सकते हैं, जिससे अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की नई संभावनाएं खुल गई हैं।

MP Bhopal Airport

MP Bhopal Raja Bhoj Airport

MP Bhopal Airport: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Raja Bhoj International Airport) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 25 मार्च 2025 को यहां पहली बार कोड-ई श्रेणी के विशाल बोइंग 777-300ER (Boeing 777-300ER) विमान की सफल लैंडिंग और टेक-ऑफ हुआ। इस परीक्षण के साथ ही भोपाल एयरपोर्ट मध्य प्रदेश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जहां इतने बड़े विमान उतर सकते हैं।

अब भोपाल से लंबी दूरी की उड़ानें होंगी संभव

इस ऐतिहासिक ट्रायल लैंडिंग के बाद भोपाल एयरपोर्ट पर अब लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें संभव हो सकेंगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार, यह विमान प्रधानमंत्री और अन्य VVIP उड़ानों में उपयोग किया जाता है। इस ट्रायल से भोपाल एयरपोर्ट की क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिली है और यह बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार हो गया है।

Boeing 777-300ER: अब तक भोपाल में उतरने वाला सबसे बड़ा विमान

[caption id="attachment_783846" align="alignnone" width="1098"]Boeing 777-300ER MP Bhopal Raja Bhoj Airport Boeing 777-300ER MP Bhopal Raja Bhoj Airport[/caption]

Boeing 777-300ER विमान की लंबाई 74 मीटर और विंगस्पैन 64.8 मीटर है। यह भोपाल हवाई अड्डे (MP Bhopal Airport) पर उतरने वाला अब तक का सबसे बड़ा विमान है। यह विमान 396 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और 13,000 किमी से अधिक की दूरी तय कर सकता है। भारतीय वायु सेना ने इस विमान की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई, जिससे यह साबित हुआ कि भोपाल एयरपोर्ट अब किसी भी तरह के बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है।

भोपाल एयरपोर्ट पर किए गए तकनीकी सुधार

B-777 की लैंडिंग के लिए हवाई अड्डे (MP Bhopal Airport) की संरचना में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए। हवाई अड्डे के रनवे, टर्नपैड और टैक्सीवे को B-777 300ER के बड़े पंखों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों को CAT-9 तक बढ़ा दिया गया, जबकि पहले यह CAT-7 पर था। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने भोपाल एयरपोर्ट को B-777 के संचालन की मंजूरी दे दी है।

भोपाल एयरपोर्ट अब 4E श्रेणी में होगा शामिल

अभी भोपाल एयरपोर्ट 4D श्रेणी में आता है, जहां A321 जैसे विमानों का संचालन होता है। लेकिन अब, DGCA की मंजूरी और आवश्यक सुधारों के बाद, यह हवाई अड्डा B-777 300ER जैसे बड़े विमानों को संभालने के लिए तैयार है। हालांकि, इन विमानों का वज़न उड़ान भरते समय सीमित रखना होगा, ताकि रनवे पर लोड बैलेंसिंग बनी रहे।

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देश के चुनिंदा 8 एयरपोर्ट में शामिल हुआ भोपाल

भारत में सिर्फ 19 एयरपोर्ट को B-777 की लैंडिंग के लिए चुना गया है, जिनमें से अब तक केवल 8 एयरपोर्ट पर यह सुविधा पूरी तरह विकसित हो चुकी है। भोपाल एयरपोर्ट इन चुनिंदा एयरपोर्ट में शामिल हो चुका है, जो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया हब बन सकता है।

भोपाल के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?

भोपाल एयरपोर्ट पर इस विशाल विमान की सफल लैंडिंग न केवल हवाई अड्डे की तकनीकी उन्नति को दर्शाती है, बल्कि यह मध्य प्रदेश में हवाई यातायात के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस उपलब्धि से राज्य में पर्यटन और व्यापारिक यात्राओं में बढ़ोतरी होगी और भोपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

भोपाल एयरपोर्ट पर Boeing 777-300ER की सफल लैंडिंग ने इसे देश के सबसे उन्नत हवाई अड्डों में शामिल कर दिया है। इस उपलब्धि के साथ अब भोपाल से लंबी दूरी की उड़ानों के लिए नई संभावनाएं खुल गई हैं।

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