Bhavantar Yojana Update: किसानों को 15 दिन में मिलेगी राशि, सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन

Bhavantar Yojana Update: मध्यप्रदेश में भावांतर योजना के तहत किसानों को 15 दिन में राशि मिलेगी, अंतिम तारीख 17 अक्टूबर तय।

Bhavantar Yojana Update: किसानों को 15 दिन में मिलेगी राशि, सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन

हाइलाइट्स

  • किसानों को 15 दिन में भावांतर की राशि मिलेगी
  • विदिशा में एक दिन में 353 रजिस्ट्रेशन
  • 17 अक्टूबर तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन

Bhavantar Yojana Update: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब किसानों को सोयाबीन (Soybean) की बिक्री के 15 दिन के भीतर भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक अहम पहल है, जिससे किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार भाव के बीच का अंतर सीधे उसके खाते में मिलेगा।

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पंजीयन 17 अक्टूबर तक

सरकार ने बताया कि भावांतर योजना के तहत सोयाबीन फसल लेने वाले किसानों के लिए पंजीयन (Registration) की प्रक्रिया जारी है। विदिशा जिले में तीन अक्टूबर से इसका रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ और पहले ही दिन 65 समितियों में 353 किसानों ने पंजीयन कराया। किसानों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

राज्य सरकार ने 17 अक्टूबर 2025 तक पंजीयन की अंतिम तिथि तय की है। यानी जिन किसानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर भावांतर पोर्टल (Bhavantar Portal) पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

24 अक्टूबर से 15 जनवरी तक विक्रय का समय

भावांतर योजना के तहत पंजीकृत किसान 24 अक्टूबर 2025 से लेकर 15 जनवरी 2026 तक अपनी सोयाबीन फसल बेच सकेंगे। बिक्री के बाद 15 दिनों के भीतर भावांतर की राशि किसानों के खातों में डीवीडी (Direct Benefit Distribution) प्रणाली से ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को फसल बेचने के बाद लंबी प्रतीक्षा से राहत दिलाना है।

मौजूदा बाजार परिस्थितियों में सोयाबीन के भाव कई बार न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चले जाते हैं। ऐसे में किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार भावांतर के रूप में करेगी। इससे किसानों को फसल बेचने में हिचकिचाहट नहीं होगी और वे बेहतर दाम पर विक्रय कर सकेंगे।

किसानों के खातों में सीधे पहुंचेगा पैसा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों के हित में पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दे रही है। अब किसानों को किसी प्रकार की देरी या मध्यस्थता का सामना नहीं करना पड़ेगा। भावांतर योजना के तहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होगी।

उन्होंने कहा कि भावांतर योजना किसानों की मेहनत का सम्मान है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक ठोस कदम है। सरकार ने इस साल फसल खरीदी और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल (Digital) कर दिया है, जिससे हर किसान तक लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे।

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ऐसे समझें मॉडल रेट का फायदा

उदाहरण के तौर पर यदि 1 से 15 नवंबर के बीच प्रदेश में 10 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन बिके और उसमें से 6 लाख मीट्रिक टन की बिक्री 4500 रुपए प्रति क्विंटल पर हो, तो यही मॉडल रेट माना जाएगा। यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5328 रुपए है, तो 828 रुपए प्रति क्विंटल का अंतर सीधे किसानों के खाते में डाला जाएगा।

रेट विवाद को कम करने की कोशिश

राज्य मंडी बोर्ड ने बताया कि 1 अप्रैल से सभी मंडियां ई-मंडी सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। हर खरीदारी कैमरों की निगरानी में एक निर्धारित कक्ष में होगी। इस व्यवस्था से रेट को लेकर विवाद की गुंजाइश कम होगी और खरीद-फरोख्त पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। ऑनलाइन डेटा के जरिए यह भी दर्ज होगा कि किस व्यापारी ने कितना माल खरीदा। वहीं, मंडी के बाहर ई-अनुज्ञा के जरिए हुई बिक्री का रिकॉर्ड भी सिस्टम में दर्ज किया जाएगा।

भोपाल मंडी में कम दाम पर बिक चुका है सोयाबीन

भोपाल की करोंद मंडी में 17 सितंबर को नए सोयाबीन की आवक हुई थी। इस दिन 20 क्विंटल सोयाबीन 4672 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया था। इसके बाद भी मंडी में सोयाबीन की आवक जारी है। यही कारण है कि सरकार ने किसानों को नुकसान से बचाने और समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना को लागू किया है।

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