Betul Congress Protest: बैतूल कलेक्ट्रेट में कांग्रेसियों ने किया हंगामा, पुलिस से हुई झड़प, जानें क्या है पूरा विवाद

बैतूल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। जिला अध्यक्ष समेत 16 नेताओं पर FIR के विरोध में कार्यकर्ता कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे थे। जिसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा हो गया।

Betul Congress Protest: बैतूल कलेक्ट्रेट में कांग्रेसियों ने किया हंगामा, पुलिस से हुई झड़प, जानें क्या है पूरा विवाद

हाइलाइट्स

  • बैतूल में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प।
  • जिला अध्यक्ष समेत 16 नेताओं पर FIR दर्ज का विरोध।
  • ज्ञापन देने पहुंचे थे कांग्रेसी, कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा।

Betul Congress Leaders FIR Protest: मध्य प्रदेश के बैतूल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष समेत 16 नेताओं पर FIR दर्ज होने के बाद हंगामा मच गया। FIR वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे लेकिन कलेक्टर नहीं बाहर आए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए मुख्य गेट से अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, इस दौरान पुलिस के जवानों से उनकी नोकझोंक हो गई। पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। उन्होंने FIR वापस लेने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। पूरा मामला 18 अगस्त को कांग्रेस द्वारा लगाए गए झंडों के हटाए जाने से शुरू हुआ था।

FIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

बैतूल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच सोमवार को जमकर तनाव देखने को मिला। कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा समेत 16 नेताओं पर दर्ज FIR की वापसी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर से मिलने की मांग की, लेकिन जब कलेक्टर बाहर नहीं आए, तो वे मुख्य गेट से अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने से रोका, जिसके विरोध में कांग्रेस नेताओं ने परिसर के बाहर ही बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और FIR को राजनीतिक द्वेष का परिणाम बताया।

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झंडा हटाने से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, पूरा मामला 18 अगस्त का है, जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा के आगमन पर कारगिल चौक पर कांग्रेस के झंडे लगाए गए थे। लेकिन कुछ ही देर बाद ये झंडे हटा कर कचरे में फेंक दिए गए, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।

आरोप लगाया गया है कि यह हरकत बीजेपी के पूर्व पार्षद सतीश बडोनिया ने की है। जब इस घटना की शिकायत की गई, तो उल्टा कांग्रेस नेताओं पर झूठी FIR दर्ज कर दी गई, जबकि बीजेपी के नेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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FIR रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा बढ़ने लगा तो संयुक्त कलेक्टर मकसूद खान ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे अपनी मांगें सीधे कलेक्टर के माध्यम से ही उठाना चाहते हैं।

बाद में कलेक्टर ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) से चर्चा का आश्वासन दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा, जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष समेत 16 कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने और घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

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