बालाघाट में रिश्वतखोरी: बैहर BMO का क्लर्क 30 हजार रिश्वत लेते अरेस्ट, सील क्लीनिक की चाबी देने के बदले मांगे थे एक लाख

Balaghat Rishwat BMO Baihar: बालाघाट में बैहर BMO का क्लर्क 30 हजार रिश्वत लेते अरेस्ट, सील क्लीनिक की चाबी देने के बदले मांगे थे एक लाख गया, लोकायुक्त पुलिस ने की कार्रवाई

Balaghat Rishwat BMO Baihar

Balaghat Rishwat BMO Baihar: मध्यप्रदेश के बालाघाट में लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार, 2 जनवरी का देर शाम 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते बैहर बीएमओ के बाबू प्रवीण जैन और उनके बेटे प्रिंस जैन को गिरफ्तार किया। पूरा मामला शुक्रवार को समाने आया।

इस तरह किया था क्लीनिक सील

जानकारी के मुताबिक डॉ. दिनेश कुमार मरकाम, गढ़ी में इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्लीनिक का संचालन करते हैं, जो 23 दिसंबर को क्लिनिक में मौजूद मरीजों के लिए दवा बना रहे थे। इसी दौरान बैहर बीएमओ की टीम ने यहां छापामार कार्रवाई की। शिकायर्ता डॉ. मरकाम ने बताया कि टीम में डॉ. अनंत लिल्हारे, डॉ. बिसेन मंडलेकर और दो अन्य आए थे। लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े बताया कि क्लीनिक को दवाओं की सूची बनाकर सीलबंद कर दिया गया था।

इस तरह मांगी रिश्वत

इसके बाद डॉ. मरकाम प्रकरण के निपटारे के लिए बीएमओ के कई चक्कर लगाए। इसी बीच बीएमओ के बाबू प्रवीण जैन ने एक लाख रुपए मांग कर डाली। जिसमें 50 हजार कैश और बेटे प्रिंस जैन से दवा लेने पर कमीशन के रूप में 50 हजार रुपए देने की बात पर सौदा तय हुआ।

पीड़ित डॉ. मरकाम ने बताया कि सीलबंद कार्रवाई के तीसरे दिन प्रवीण जैन ने उनसे सीलबंद क्लीनिक की चाबी के लिए एक लाख की डिमांड की। बेटे के ऑपरेशन में लगी लाखों रुपए की राशि के कारण इतनी बड़ी रकम देने में मैंने असमर्थता जाहिर की, लेकिन प्रवीण जैन, एक लाख की राशि पर अड़े रहे और उन्होंने 50 हजार नकद और बेटे से दवा खरीदी पर 50 हजार कमीशन में सौदा तय किया। हालांकि, मेरे पास राशि नहीं होने से 30 हजार की राशि जमा की और लोकायुक्त पुलिस को इसकी सूचना दी।

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जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के निर्देश पर लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के मामले में लोकायुक्त पुलिस डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि डॉ. दिनेश कुमार मरकाम ने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत की थी। जिस पर कार्रवाई की गई और बीएमओ बैहर के बाबू प्रवीण जैन और उसके बेटे प्रिंस जैन को रंगे हाथ पकड़ा गया।

डॉ. मरकाम, बीईएमएस सीसीएस से रजिस्टर्ड होकर (जन स्वास्थ्य रक्षक) के रूप प्रैक्टिस करते हैं, उसका ग्राम गढ़ी में संजीवनी दवाखाना के नाम से क्लीनिक है।

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