MP Atithi Shikshak Issue: अतिथि शिक्षकों को मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की दो टूक; मेहमान हो तो क्या घर पर कब्जा करोगे

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MP Atithi Shikshak Issue: मध्यप्रदेश में अतिथियों के नियमितिकरण का मुद्दा जोर पकड़े है।  इसी बीच अतिथि शिक्षकों (Guest Teacher) को लेकर मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह (Rao Uday Pratap Singh)  ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मेहमान हो तो क्या घर पर कब्जा करोगे।

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जानें क्या शिक्षा मंत्री का बयान

आपको बता दें अतिथि शिक्षकों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह (Rao Uday Pratap Singh statment on Atithi Shikshat in Hindi) ने कहा है कि इनका नाम ही अतिथि है।
मेहमान बनकर आओगे तो क्या घर पर कब्जा करोगे। उन्होंने कहा कि जहां शिक्षक कम हैं वहां उनकी सेवा ली जाती हैं।

उनके हितों की रक्षा करेंगे, उपयोगिता भी देखी जाएगी।

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हितों की चिंता विभाग कर रहा है

आपको बता दें कि अतिथि शिक्षकों के हितों की चिंता विभाग कर रहा है। युक्ति युक्तकरण होने से शिक्षकों की पूर्ति हो गई। इससे
पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

10 हजार शिक्षकों की काउंसलिंग (MP Atithi Shikshat Counsling) हो चुकी है। जिसमें से तीन हजार शिक्षकों की काउंसलिंग होना बाकी है।

बीते दिनों इन पर बनी थी सहमति

बीते दिनों अतिथि शिक्षकों की मांगों को लेकर (MP Guest Teacher Bharti Issue) सरकार के साथ कुछ सहमती बनी थी। अतिथि शिक्षकों का 10 माह का सेवाकाल/अनुबंध के साथ ही 30% से कम परीक्षा परिणाम देने वाले अतिथि शिक्षकों को सत्र 2024-25 में नियुक्ति का एक और मौका दिये जाने पर सहमति बन चुकी है।

इन बिंदुओं पर बनी थी सहमति

1. अतिथि शिक्षकों का 10 माह का सेवाकाल/अनुबंध होगा।

2. बीच सत्र में अतिथि शिक्षक बाहर नहीं होंगे। रिक्त पद नहीं माना जाएगा।

3. स्कोर कार्ड में अनुभव के प्रति वर्ष 10 अंक और अधिकतम 15 वर्षो के 150 अंक जोड़े जाएंगे, भले ही शिक्षक ने किसी भी वर्ग में क्यों न पढ़ाया हो।

4. रिटायर्ड शिक्षकों की भांति स्कोर कार्ड में अनुभव अंक जोड़ा जाएगा।

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