MP ASI Bharti: मध्यप्रदेश एएसआई भर्ती विवाद, उम्र सीमा में छूट न मिलने से तीन लाख युवा अपात्र, 8 साल बाद आया था मौका

MP ASI Bharti Controversy: एमपी एएसआई भर्ती में उम्र सीमा छूट न मिलने से लाखों युवा अपात्र, अभ्यर्थियों में नाराजगी।

MP ASI Bharti: मध्यप्रदेश एएसआई भर्ती विवाद, उम्र सीमा में छूट न मिलने से तीन लाख युवा अपात्र, 8 साल बाद आया था मौका

हाइलाइट्स

  • एएसआई भर्ती में उम्र सीमा में नहीं मिली छूट
  • करीब 3 लाख उम्मीदवार हुए भर्ती से अपात्र
  • युवाओं ने सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया

MP ASI Bharti Controversy: मध्यप्रदेश में आठ साल बाद निकली असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (Assistant Sub Inspector) भर्ती विवादों में घिर गई है। इस बार परीक्षा में आयु सीमा में कोविड-19 (Covid-19) अवधि की छूट नहीं दी गई, जिससे करीब तीन लाख अभ्यर्थी अपात्र हो गए हैं। युवाओं का कहना है कि जब प्रदेश की अन्य भर्तियों और केंद्र की परीक्षाओं में तीन साल की राहत दी गई थी तो एएसआई भर्ती में भी यह प्रावधान होना चाहिए।

[caption id="" align="alignnone" width="1200"]publive-image मध्यप्रदेश में आठ साल बाद निकली है एएसआई भर्ती।[/caption]

आठ साल बाद निकली एएसआई की भर्ती

राज्य में 2017 के बाद अब एएसआई भर्ती निकली है। इतने लंबे अंतराल के बाद जब परीक्षा की घोषणा हुई तो युवाओं को बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन जब नोटिफिकेशन जारी हुआ तो पता चला कि इसमें उम्र सीमा में कोई अतिरिक्त छूट नहीं है। ऐसे में हजारों उम्मीदवार जो पिछली बार आयु सीमा के अंदर थे, अब इस परीक्षा से बाहर हो गए हैं। कई अभ्यर्थियों ने इसे उनके भविष्य के साथ अन्याय बताया।

कोविड काल के आदेश का पालन क्यों नहीं

साल 2022 में राज्य सरकार ने आदेश जारी किया था कि कोविड-19 के कारण भर्ती परीक्षाएं रुकी थीं, इसलिए आगे होने वाली सभी भर्तियों में तीन साल की आयु सीमा छूट दी जाएगी। इस आदेश का पालन पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2023, जेल प्रहरी, वनरक्षक और यहां तक कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाओं में भी हुआ। लेकिन एएसआई भर्ती में इस नियम को लागू नहीं किया गया। इस वजह से उम्मीदवारों के बीच असंतोष गहरा हो गया है।

[caption id="" align="alignnone" width="1140"]publive-image Covid-19 के कारण रोक दी गई थी भर्ती।[/caption]

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उम्मीदवारों ने क्या कहा

एक अभ्यर्थी ने बताया कि 2017 में जो छात्र 25 साल का था, अब वह 33 का हो चुका है। ऐसे युवाओं के लिए यह भर्ती ही आखिरी उम्मीद थी। उनका कहना है कि सरकार को नियम का पालन करते हुए सभी पात्र उम्मीदवारों को एक समान अवसर देना चाहिए। कई छात्रों ने यह भी कहा कि वे इस मामले को न्यायालय तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

दूसरे राज्यों में छूट का प्रावधान

उत्तर प्रदेश, बिहार और केंद्र सरकार की रेलवे भर्ती में आयु सीमा में तीन साल की अतिरिक्त छूट दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग का भी यही कहना था कि कोविड-19 के बाद पहली बार आयोजित हो रही भर्तियों में यह राहत दी जाएगी। ऐसे में मध्यप्रदेश के उम्मीदवार पूछ रहे हैं कि जब दूसरे राज्यों और केंद्र ने छूट दी, तो यहां क्यों नहीं।

पहले मध्यप्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की परीक्षाओं के लिए बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को राज्य के रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराना जरूरी था। हाल ही में यह शर्त हटा दी गई है। अब एमपी के अलावा दूसरे राज्यों के उम्मीदवार भी बिना किसी रुकावट के परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस बदलाव से सीधा असर स्थानीय युवाओं पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि प्रतियोगिता और बढ़ जाएगी।

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दूसरे राज्यों में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता

भारत के कई राज्यों में भर्तियों के नियम स्थानीय युवाओं को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश में सामान्य ज्ञान से जुड़े अधिकतर सवाल राज्य पर आधारित होते हैं। राजस्थान में कई परीक्षाओं में राजस्थानी संस्कृति और भाषा से प्रश्न पूछे जाते हैं। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित क्षेत्रों की भर्तियों में स्थानीय आदिवासियों को 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाता है। वहीं गुजरात में भर्ती परीक्षाओं में गुजराती भाषा का पेपर पास करना अनिवार्य है।

ईएसबी संचालक का बयान

कर्मचारी चयन मंडल (ESB) संचालक साकेत मालवीय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आयु सीमा छूट या अन्य प्रावधान पॉलिसी मैटर होते हैं। ईएसबी सिर्फ परीक्षा का आयोजन करता है, न कि नियम तय करता है। इस बारे में फैसला संबंधित विभाग या शासन स्तर पर लिया जाता है। यानी अगर सरकार चाहे तो आदेश जारी कर सकती है, लेकिन परीक्षा संचालित करने वाली संस्था इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

[caption id="" align="alignnone" width="1397"]publive-image Madhya Pradesh Employees Selection Board[/caption]

भर्ती प्रक्रिया में हुई इस चूक ने युवाओं के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। कई उम्मीदवार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने अनुभव और शिकायतें साझा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब कई सालों बाद यह मौका आया तो सरकार को युवाओं की स्थिति को समझना चाहिए था। प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य इस निर्णय से प्रभावित होगा।

FAQs

Q. एएसआई भर्ती में विवाद क्यों हुआ है?
इस बार एमपी एएसआई भर्ती में कोविड-19 के बाद दी जाने वाली तीन साल की आयु सीमा छूट लागू नहीं की गई, जिससे लाखों उम्मीदवार अपात्र हो गए हैं और युवाओं में नाराजगी फैल गई है।

Q. कितने उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं?
अनुमान है कि करीब तीन लाख अभ्यर्थी इस भर्ती से बाहर हो सकते हैं, क्योंकि पिछली बार 2017 में परीक्षा हुई थी और अब वे आयु सीमा पार कर चुके हैं।

Q. क्या दूसरे राज्यों में छूट दी गई है?
हां, यूपी, बिहार और केंद्र की रेलवे भर्ती में कोविड-19 के बाद तीन साल की आयु सीमा छूट दी गई है। मध्यप्रदेश में भी अन्य भर्तियों में यह नियम लागू हुआ, लेकिन एएसआई भर्ती में इसका पालन नहीं किया गया।

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