MP News: राष्ट्रीय कला उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, कहा- हमारी परंपरा में नृत्य शैली से कथा कही जाती है

CM Mohan Yadav in Art Festival, सीएम मोहन यादव ने गुरूकुल पद्धति का उल्लेख किया। उन्होंने भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी कलाओं का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने कंस को मारकर शिक्षा ग्रहण करने मध्यप्रदेश आए थे।

MP News: राष्ट्रीय कला उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, कहा- हमारी परंपरा में नृत्य शैली से कथा कही जाती है

CM Mohan Yadav in Art Festival: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार (3 जनवरी) को भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और एनसीईआरटी के निर्देशक दिनेश प्रसाद सकलानी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में छात्रों ने कलात्मक प्रस्तुतियां दी। इस दौरान हिमाचल, कश्मीर, लद्दाख और अन्य जनजातीय क्षेत्रों की थीम पर स्टूडेंट्स ने कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आरंभ स्वागत गीत शुभ स्वागतम से हुआ।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा

इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह एक सुखद सहयोग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में कला उत्सव शुरू करवाने का फैसला लिया, जिससे स्कूली स्टूडेंट्स की कला को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा, 'देश का इतिहास समृद्ध है। भारत में किसी की मृत्यु होने के बाद शांत होना कहा जाता है, जो हमारी संस्कृति और आस्था को दर्शाता है।'

भगवान कृष्ण से जुड़ी कलाओं का दिया उदाहरण

सीएम मोहन यादव ने गुरूकुल पद्धति का उल्लेख किया। उन्होंने भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी कलाओं का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने कंस को मारकर शिक्षा ग्रहण करने मध्यप्रदेश आए थे।

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उन्होंने कहा, 'श्रीकृष्ण का बांसुरी वादन, विराट स्वरूप और योग विद्या जैसी कलाएं भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं।' मुख्यमंत्री यादव ने इस कला उत्सव का मंच बताया, जहां सभी कलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कहानी वाचन जैसी विद्या को जोड़ा गया

प्रोफेसर ज्योत्सना तिवारी ने कहा कि इस बार कहानी वाचन जैसी विद्या को जोड़ा गया है। कार्यक्रम में तीस सब श्रेणी है। 5 जनवरी को परिणाम घोषित होगा और समापन 6 जनवरी को किया जाएगा। एनसीआईआरटी के निर्देशक प्रोफेसर दिनेश प्रसाद कुलकर्णी ने कहा, जो किताबें बन रही हैं उनमें देश की विशेषता होगी।

कार्यक्रम में देशभर से 700 स्कूली छात्र भाग लेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य माध्यमिक स्तर के स्टूडेंट्स की कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करना है। इसके जरिए छात्रों को भारतीय कला और सांस्कृतिक विविधता को समझने का मौका मिलता है। कला उत्सव की थीम 'विकसित भारत वर्ष 2047 में भारत के लिए एक दृष्टिकोण' है।

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