Anwar kadri Case: लव जिहाद फंडिंग केस में आरोपी पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी पर संकट, संभागायुक्त ने जारी किया नोटिस

Anwar kadri Case: लव जिहाद के लिए फंडिंग करने और 23 आपराधिक मामलों में आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी अब खत्म होने की कगार पर है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कादरी को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 25 अगस्त तक जवाब देने का आदेश दिया है।

Anwar kadri Case: लव जिहाद फंडिंग केस में आरोपी पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी पर संकट, संभागायुक्त ने जारी किया नोटिस

हाइलाइट्स 

  • कादरी को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी
  • 25 अगस्त तक जवाब देने का आदेश 
  • तय समय पर जवाब न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई

Anwar kadri Case: लव जिहाद के लिए फंडिंग करने और 23 आपराधिक मामलों में आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी अब खत्म होने की कगार पर है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कादरी को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 25 अगस्त तक जवाब देने का आदेश दिया है। तय समय पर जवाब न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए पार्षदी समाप्त की जा सकती है।

एमआईसी ने पहले ही पास किया था प्रस्ताव

मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) इस संबंध में पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुकी है, जिसे जल्द ही निगम परिषद में रखा जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पत्र के आधार पर जून 2025 में संभागायुक्त ने कलेक्टर और पुलिस आयुक्त से कादरी का विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड मांगा था, जो 8 अगस्त को प्राप्त हुआ।

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पुलिस रिपोर्ट में गंभीर आरोप

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, अनवर कादरी पर 1996 से अब तक 23 आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, आर्म्स एक्ट, और देशद्रोह जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। फरारी के चलते उस पर पहले 10 हजार, फिर 20 हजार और अब 40 हजार रुपये का इनाम घोषित हो चुका है। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

  • 2025 में दर्ज केस: तीन
  • लव जिहाद फंडिंग केस: बाणगंगा क्षेत्र में दो केस
  • देशविरोधी नारे: सदर बाजार में “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे का मामला

नोटिस में क्या कहा गया

संभागायुक्त ने नोटिस में लिखा है कि महापौर और पुलिस विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर क्यों न मप्र नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 19 (1)(क) के तहत आपकी पार्षदी समाप्त कर दी जाए। कादरी को स्वयं या विधिक प्रतिनिधि के माध्यम से 25 अगस्त सुबह 11 बजे तक दस्तावेजी साक्ष्य सहित उपस्थित होना होगा, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

डकैत हो या उसका बाप, छोड़ा नहीं जाएगा- सीएम मोहन 

सीएम मोहन यादव ने 19 जून को इंदौर दौरे के दौरान कहा था “डकैत हो या उसका बाप, छोड़ा नहीं जाएगा।” इसके बाद पुलिस ने लगातार इनाम राशि बढ़ाई और हाल ही में कलेक्टर ने कादरी पर रासुका भी लगा दी। मप्र नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 19 के तहत संभागायुक्त के पास किसी भी निर्वाचित पार्षद को हटाने का अधिकार है। हालांकि, पार्षद को जवाब देने का उचित अवसर दिया जाता है। आदेश पारित होने के 30 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष अपील भी की जा सकती है।

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Gwalior HC Bench Order

विदिशा के त्योंदा थाना क्षेत्र में 5 जुलाई 2024 की शाम प्रकाश पाल दुकान पर बैठा हुआ था। तभी हलके आदिवासी और धर्मेंद्र आदिवासी ने उसकी डंडे और पत्थर से हत्या कर दी। इस मामले में हलके को त्योंदा पुलिस ने 8 जुलाई 2024 को और अशोक को 10 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

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