MP Media Research: MP के राजनीतिक दलों के मीडिया प्रबंधन पर रिसर्च, युवाओं की सोच को दिशा देने में मीडिया की अहम भूमिका

MP Political Media Strategy Research: एलएनसीटी विश्वविद्यालय के शोधार्थी योगेश पटेल द्वारा किए गए इस विश्लेषणात्मक अध्ययन में 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर मीडिया रणनीतियों के प्रभाव का गहन विश्लेषण किया गया है।

MP Political Media Strategy Research

MP Political Media Strategy Research

MP Political Media Strategy Research: मध्य प्रदेश में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की सोच को राजनीतिक दल किस तरह मीडिया के जरिए प्रभावित करते हैं, इस विषय पर एलएनसीटी (LNCT University) विश्वविद्यालय के शोधार्थी योगेश पटेल द्वारा किया गया अध्ययन कई अहम पहलुओं को उजागर करता है।

“मध्य प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों के मीडिया प्रबंधन का विश्लेषणात्मक अध्ययन” विषय पर यह शोध भोपाल जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों, भोपाल उत्तर, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, नरेला, हुजूर, गोविंदपुरा, बैरसिया और भोपाल मध्य में केंद्रित था। शोध का फोकस 2023 के विधानसभा चुनावों में पहली बार वोट डालने वाले नवमतदाताओं की राजनीतिक समझ, मीडिया प्रभाव और जागरूकता पर था।

[caption id="attachment_862569" align="alignnone" width="787"]MP Political Media Strategy Research MP Political Media Strategy Research[/caption]

डिजिटल और पारंपरिक मीडिया की भूमिका निर्णायक

इस शोध में बताया गया है कि आज के समय में डिजिटल मीडिया (Digital Media) और पारंपरिक मीडिया (Traditional Media) दोनों मिलकर युवाओं की राजनीतिक धारणा को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।

सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से राजनीतिक दल जिस तरह व्यक्तिगत स्तर पर tailored content (व्यक्तिगत रणनीतियाँ) बना रहे हैं, उससे युवाओं तक सीधी पहुंच संभव हुई है। हालांकि, यह भी देखा गया कि केवल प्रचार नहीं, बल्कि पारदर्शी और नैतिक संवाद ही लोकतांत्रिक मूल्य को मजबूती देता है।

संचार की शैली बदली, असर और गहरा

शोध से यह निष्कर्ष निकला कि राजनीतिक मीडिया रणनीतियाँ न केवल चुनावी नतीजों को प्रभावित करती हैं, बल्कि लोगों की सोच और निर्णय लेने की क्षमता को भी आकार देती हैं। विशेष रूप से युवा वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार की गई मीडिया कैंपेन रणनीतियाँ (Media Campaign Strategies) अधिक कारगर साबित होती हैं।

इस अध्ययन ने यह सिद्ध किया कि यदि हर वर्ग को ध्यान में रखकर व्यक्तिगत रूप से सटीक जानकारी दी जाए, तो मतदान प्रतिशत और जागरूकता दोनों में इजाफा संभव है।

ये भी पढ़ें:  MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2015: हाईकोर्ट ने आयोग से मांगा मुख्य परीक्षा का शेड्यूल, बिना अनुमति परीक्षा पर लगी थी रोक

शोधकर्ता को देशभर से मिली सराहना

योगेश पटेल वर्तमान में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (Rabindranath Tagore University) में सहायक प्राध्यापक हैं और PRSI भोपाल चैप्टर के संयुक्त सचिव भी हैं। यह शोध प्रो. डॉ. अनु श्रीवास्तव के निर्देशन में पूर्ण हुआ और इसे शीघ्र ही पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा, जो पत्रकारिता और राजनीति विज्ञान से जुड़े विद्यार्थियों व शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी साबित होगी।

माखनलाल राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (Makhanlal National University of Journalism) समेत कई शैक्षणिक संस्थानों ने इस उपलब्धि की सराहना की है।

ये भी पढ़ें: Business Idea: इस नए बिजनेस से लाखों में होगी कमाई, बस करना होगा ये काम! जानें कैसे करें शुरूआत?

ऐसी ही ताजा खबरों के लिए बंसल न्यूज से जुड़े रहें और हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करे।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article