Alirajpur Name Change: एमपी के अलीराजपुर को मिला नया नाम, सरकार ने मान ली सालों पुरानी मांग, जानें क्यों बदला गया नाम

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का नाम आखिरकार बदल दिया गया है। अब जिले का नया नाम आलीराजपुर हो गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय से मिली अनुमति के बाद राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

Alirajpur Name Change: एमपी के अलीराजपुर को मिला नया नाम, सरकार ने मान ली सालों पुरानी मांग, जानें क्यों बदला गया नाम

हाइलाइट्स

  • अलीराजपुर जिले का नाम बदलकर अब ‘आलीराजपुर’ किया।
  • गृह मंत्रालय ने नाम परिवर्तन को दी मंजूरी, अधिसूचना जारी।
  • स्थानीय लोगों की मांग पर सरकार को भेजा गया था प्रस्ताव।

MP Alirajpur District Name Change Notification: मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले के नाम में अब आधिकारिक रूप से बदलाव कर दिया गया है। अब यह जिला "आलीराजपुर" के नाम से जाना जाएगा। गृह मंत्रालय (NOC) से अनापत्ति पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के साथ ही स्थानीय जनता की सालों पुरानी मांग भी पूरी हो गई है। लंबित इस मांग को अब मंजूरी मिलने के बाद जिले की पहचान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अनुरूप हो गई है। अब से सभी सरकारी दस्तावेजों में नया नाम लागू होगा।

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मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले के नाम में अब आधिकारिक रूप से बदलाव कर दिया गया है। अब यह जिला "आलीराजपुर" के नाम से जाना जाएगा। गृह मंत्रालय से अनापत्ति पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से नई अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के साथ ही स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो गई है।

2012 में शुरू हुई थी नाम बदलने की प्रक्रिया

आलीराजपुर जिले का नाम बदलने की प्रक्रिया कोई नई नहीं, बल्कि इसकी नींव वर्ष 2012 में रखी गई थी। उस समय जिला योजना समिति की बैठक में यूनिवर्सल सृजन जनसेवा संस्था ने अलीराजपुर का नाम बदलकर “आलीराजपुर” करने की मांग रखी थी। संस्था का मानना था कि "आलीराजपुर" नाम जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बेहतर दर्शाता है।

केंद्र से मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना

कलेक्टर अभय बेड़ेकर ने बताया कि जिले का नाम बदलने की मांग लंबे समय से स्थानीय लोग कर रहे थे। इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें नाम परिवर्तन के पीछे के तर्कों को भी स्पष्ट किया गया था। राज्य सरकार ने इन कारणों को उचित मानते हुए प्रस्ताव को भारत सरकार के गृह मंत्रालय को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए भेजा। लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार 21 अगस्त 2025 को गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव पर सहमति देते हुए अनापत्ति पत्र (NOC) जारी कर दिया। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकार ने "अलीराजपुर" का नाम औपचारिक रूप से बदलकर "आलीराजपुर" कर दिया है और इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

अब से सभी दस्तावेजों में होगा नया नाम

नई अधिसूचना के अनुसार, अब जिले का नाम सभी सरकारी दस्तावेजों, मानचित्रों, राजपत्रों और रिकॉर्ड्स में "आलीराजपुर" दर्ज होगा। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इससे जिले को उसकी ऐतिहासिक गरिमा के अनुसार एक नई पहचान मिल गई है।

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क्या है आलीराजपुर नाम का इतिहास

जिले के नाम की पुरानी वर्तनी "अलीराजपुर" को लेकर लंबे समय से विवाद था। इतिहासकारों के अनुसार, यह नाम दो रियासतों आलिया भील और राजपुर से मिलकर बना था, जिसे पहले "आलीराजपुर" कहा जाता था। ये दोनों गांव 400 साल पहले छोटी छोटी रियासतें थीं। ऐसा माना जाता है कि 15 वीं सदी में यहां भील राजा आलिया भील का शासन रहा। समय के साथ उच्चारण और वर्तनी बदलकर "अलीराजपुर" हो गई। स्थानीय लोग वर्षों से इसके मूल नाम "आलीराजपुर" को मान्यता देने की मांग कर रहे थे। 2008 में जब यह झाबुआ से अलग होकर नया जिला बना, तब इसे अलीराजपुर नाम दिया गया। अब सरकार ने ऐतिहासिक तथ्यों और जनभावनाओं को मानते हुए इसका नाम आधिकारिक रूप से "आलीराजपुर" कर दिया है।
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