Monsoon 2021: जानिए क्या है मानसून का मतलब और कैसे होती है पूरे देश में मानसूनी बारिश

Monsoon 2021: जानिए क्या है मानसून का मतलब और कैसे होती है पूरे देश में मानसूनी बारिशMonsoon 2021: Know what is the meaning of monsoon and how monsoon rains occur in the whole country nkp

Monsoon 2021: जानिए क्या है मानसून का मतलब और कैसे होती है पूरे देश में मानसूनी बारिश

नई दिल्ली। केरल में मानसून ने पहली दस्तक दे दी है। इसके बाद बाकी राज्यों में बारिश शुरू हो जाती है। मालूम हो कि हर साल मानसून जून से सितंबर के बीच केरल से ही शुरू होता है। कई बार हम बोलचाल की भाषा में शब्दों का प्रयोग करते हैं लेकिन उस शब्द के बारे में ज्यादा नहीं जानते, ऐसे में जानना जरूरी है कि आखिर मानसून का अर्थ क्या है और कैसे होती है पूरे देश में मानसून की बारिश

मानसून का अर्थ क्या है?

दरअसल, मानसून एक अंग्रेजी शब्द है, जो पुर्तगाली शब्द मान्सैओ (Moncao) से बना है। हालांकि ये शब्द मूलरूप से अरबी शब्द मावसिम (मौसम) से आया है। मावसिम या मौसम हिंदी, उर्दू और उत्तर भारतीय भाषाओं में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं भारत में मानसून जून से शुरू होकर सितंबर तक चार महीने सक्रिय रहता है। इस दौरान मौसम विभाग अपने कई मापदंडों का उपयोग कर यह अनुमान लगाने की कोशिश करता है कि आखिर इस साल देश में कितनी मानसूनी बारिश होगी।

भारत में मानसून

भारत में मानसून हिन्द महासागर व अरब सागर की ओर से हिमालय की ओर आने वाली हवाओं पर निर्भर करता है। जब ये हवाएं भारत के दक्षिण पश्चिम तट पर पश्चिमी घाट से टकराती हैं तो भारत तथा आसपास के देशों में भारी वर्षा होती है। ये हवाएं दक्षिण एशिया में जून से सितंबर तक सक्रिय रहती हैं। वैसे किसी भी क्षेत्र का मानसून उसकी जलवायु पर निर्भर करता है। भारत के संबंध में यहां की जलवायु ऊष्णकटिबंधीय है और ये मुख्यतः दो प्रकार की हवाओं से प्रभावित होती है - उत्तर-पूर्वी मानसून और दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून।

वर्षा ऋतु को हम मानसून भी कहते हैं

उत्तर-पूर्वी मॉनसून को प्रायः शीत मॉनसून कहा जाता है। यह हवाएं मैदान से सागर की ओर चलती हैं, जो हिन्द महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी को पार करके आती हैं। यहां अधिकांश वर्षा दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है। भारत में पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर से कर्क रेखा निकलती है। इसका देश की जलवायु पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ग्रीष्म, शीत और वर्षा ऋतुओं में से वर्षा ऋतु को प्रायः हम मानसून कहते हैं।

कहां कितनी बारिश करता है मानसून

देश में मानसून से चार महीनों में औसतन 89 सेंटीमीटर बारिश होती है। देश की लगभग 65 प्रतिशत कृषि इसी पर निर्भर है। गौरतलब है कि मानसून से पश्चिम तट और पूर्वोत्तर के राज्यों में 200 से एक हजार सेमी बारिश होती है, जबकि राजस्थान और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां मानसूनी बारिश सिर्फ 10-15 सेमी होती है।

केरल में पांच महीने रहता है मानसून

जबकि चेरापूंजी में सालभर में करीब 1,100 सेमी तक बारिश होती है। केरल में मानसून करीब पांच महीने रहता है। यहां मानसून जून के शुरू में दस्तक देता है और अक्टूबर तक रहता है। वहीं राजस्थान में सिर्फ डेढ़ महीने ही मानसूनी बारिश होती है। देश में राजस्थान से ही मानसून की विदाई भी होती है।

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