Advertisment

Odisha CM: मोहन माझी होंगे ओडिशा के मुख्यमंत्री, सरपंच की कुर्सी से की थी राजनीति की शुरुआत

Odisha CM: मोहन माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री होंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में ये फैसला हुआ। सभी विधायकों ने मोहन माझी को अपना नेता चुना।

author-image
Rahul Garhwal
Odisha CM: मोहन माझी होंगे ओडिशा के मुख्यमंत्री, सरपंच की कुर्सी से की थी राजनीति की शुरुआत

Odisha CM: मोहन माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री होंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में ये फैसला हुआ। सभी विधायकों ने मोहन माझी को अपना नेता चुना। मोहन माझी बुधवार को सीएम पद की शपथ लेंगे। केवी सिंह देव और प्रभाती परिदा डिप्टी सीएम होंगी।

Advertisment

ओडिशा में पहली बार बीजेपी सरकार

मोहन माझी ओडिशा की क्योंझर विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक बने हैं। उन्होंने बीजू जनता दल (BJD) की मीना माझी को 11 हजार 577 वोट से हराया। मोहन माझी को 87 हजार 815 वोट मिले। वहीं मीना माझी को 76 हजार 238 वोट मिले। आपको बता दें ओडिशा में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

मजबूत आदिवासी चेहरा मोहन माझी

मोहन माझी एक मजबूत आदिवासी चेहरा हैं। उनकी उम्र 53 साल है। वे क्योंझर विधानसभा सीट से चार बार के विधायक हैं। मोहन माझी जनसेवा और संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं।

सरपंच से मुख्यमंत्री तक का सफर

मोहन माझी ने राजनीति की शुरुआत सरपंच की कुर्सी से की थी। वे 1997 से 2000 तक सरपंच रहे। इसके बाद 2000 में क्योंझर से विधायक बने थे।

Advertisment

बीजेपी विधायक दल की बैठक में क्या हुआ ?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि मोहन माझी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए सबसे पहले केवी सिंह ने हाथ उठाकर उनका नाम सुझाया था। सभी विधायकों ने ताली बजाकर इस फैसले का स्वागत किया। इसके बाद सर्वसम्मति से मोहन माझी को ओडिशा बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया।

राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव बनाए गए थे पर्यवेक्षक

ओडिशा का मुख्यमंत्री चुनने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पर्यवेक्षक बनाया गया था। बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने मोहन माझी के नाम की घोषणा की।

ये खबर भी पढ़ें: सरकार 5 साल तक चलाना सबसे बड़ी चुनौती, ये BJP की नहीं, NDA की सरकार है !

Advertisment

बीजेपी ने मोहन माझी को ही क्यों चुना ?

ओडिशा एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है। यहां की सत्ता लंबे वक्त से गैर-आदिवासी हाथों में रही। आदिवासी मोहन माझी को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी आदिवासी वोटर्स को एक संदेश देना चाहती है।

Advertisment
चैनल से जुड़ें