MMS LAW: क्या आप जानते है? गलती से भी MMS वायरल करना कितना है गैरकानूनी, भुगतनी पड़ सकती है जेल की सजा !

किसी लड़की का वीडियो वायरल कर दिया जाता है तो इसके पीछे भारत में कौन से ऐसे कानून होते है जो इस अपराध को गैरकानूनी मानकर सजा का प्रावधान रखते है।

MMS LAW: क्या आप जानते है? गलती से भी MMS वायरल करना कितना है गैरकानूनी, भुगतनी पड़ सकती है जेल की सजा !

MMS LAW: इन दिनों जहां पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के एमएमएस वीडियो का मामला जहां पर जोर पकड़ रहा है वहीं पर इस बवाल में एक सवाल सामने आता है कि, यदि इसी प्रकार से किसी लड़की का वीडियो वायरल कर दिया जाता है तो इसके पीछे भारत में कौन से ऐसे कानून होते है जो इस अपराध को गैरकानूनी मानकर सजा का प्रावधान रखते है। वहीं पर इस तरह की हरकतों को लेकर क्या कानून है और आरोपी व्यक्ति पर किन किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। आइए जानते है इस आर्टिकल में...

इसमें आते है ये महत्वपूर्ण प्रावधान

क्या है सेक्शन 354 सी?

जैसा कि, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वीडियो बवाल मामले में आरोपी छात्रा और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार करके आईपीसी की धारा 354 सी और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है तो इसमें आगे की कार्रवाई के साथ सजा का कड़ा प्रावधान है। हम बात करते है धारा 354 सी इसमें अगर कोई व्यक्ति किसी महिला की उस वक्त फोटो क्लिक करता हो या वीडियो बनाता है, जब वो कोई प्राइवेट एक्ट कर रही हो. यानी अगर कोई अपना निजी कार्य कर रही है और उस वक्त उसे उम्मीद है कि कोई उसे देख नहीं रहा होगा. ऐसे में इस वक्त कोई महिला को कैमरे में कैद करता है तो उस हरकत पर धारा 354 सी के तहत कार्रवाई की जाएगी। जैसा कि, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वीडियो मामले में देखा यहां पर लड़कियों को खबर नहीं थी कि, उनका नहाते वक्त कोई वीडियो बना रहा है।

क्या होता है प्राइवेट एक्ट

प्राइवेट एक्ट में वो सभी निजी पल और काम शामिल हैं, जो अपनी प्राइवेसी में करती हैं. वीडियो में अगर महिला के प्राइवेट पार्ट दिखाई दे या फिर महिला इनरवियर्स में दिखाई दे या फिर शौचालय इस्तेमाल करते हुए नजर आए या कोई ऐसा कार्य करते हुए नजर आए जो वो पब्लिक में नहीं कर सकती हैं, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में प्रावधान के अनुसार इन धारा में दोषी पाए जाने पर पहली बार गलती पर 1 से 3 साल और बाद में 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है. इसके साथ ही दोषी व्यक्ति पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

जान लें आईटी के प्रावधान भी

आईटी एक्ट में भी इस तरह की हरकतों पर सजा का प्रावधान है. आईटी एक्ट में भी धारा 66 इ के तहत किसी की भी प्राइवेसी भंग करने पर, धारा 67 के तहत आपत्तिजनक सूचनाओं के प्रकाशन और अश्लील सूचनाओं को प्रकाशित करने पर कार्रवाई की जा सकती है. बता दें कि अगर आपके साथ भी ऐसा कभी होता है तो आप इसकी शिकायत पुलिस में कर सकती है।

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