मिथुन मन्हास BCCI के नए अध्यक्ष बने: छत्तीसगढ़ के प्रभतेज सिंह भाटिया को मिली ज्वॉइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी

BCCI New President Mithun Manhas: मिथुन मन्हास BCCI के नए अध्यक्ष बने, छत्तीसगढ़ के प्रभतेज सिंह भाटिया को मिली ज्वॉइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी mithun manhas bcci president-prabhtej-bhatia-joint-secretary hindi News bps

BCCI New President Mithun Manhas

BCCI New President Mithun Manhas

हाइलाइट्स

  • मिथुन मन्हास बने BCCI के प्रेसिडेंट
  • CG के भाटिया को ज्वाॅइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी
  • बोर्ड की AGM के बाद नई कार्यकारिणी का ऐलान

BCCI New President Mithun Manhas: पूर्व क्रिकेटर मिथुन मन्हास भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( BCCI) के नए अध्यक्ष बन गए हैं। इसका ऐलान रविवार, 28 सितंबर को मुंबई में BCCI ऑफिस में हुई एनुअल जरनल मीटिंग (AGM) के बाद हुआ। वे इस पद पर निर्विरोध चुने गए। इसी के साथ छत्तीसगढ़ के प्रभतेज सिंह भाटिया को ज्वॉइंट सेक्रेटरी पद की जिम्मेदारी मिली है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने X पर पोस्ट कर मिथुन मन्हास को बधाई दी। उन्होंने लिखा- मिथुन मन्हास आधिकारिक रूप से BCCI के अध्यक्ष बन गए हैं।

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BCCI की नई कार्यकारिणी

  • अध्यक्ष: मिथुन मन्हास
  • उपाध्यक्ष: राजीव शुक्ला
  • सचिव: असम के देवजीत सैकिया
  • ज्वॉइंट सेक्रेटरी: अरुण धूमल
  • कोषाध्यक्ष: ए रघुराम भट
  • IPL चेयरमैन: अरुण ठाकुर

हाईएस्ट अंडर-19 स्कोरर रहे

मन्हास ने जम्मू कश्मीर से अंडर-15, अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट टीमों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 3 साल J&K के लिए अंडर-19 खेला। साल 1995 में उन्होंने लगभग 750 रन बनाए और देश के हाईएस्ट अंडर-19 स्कोरर बने थे।

[caption id="attachment_904037" align="alignnone" width="922"]publive-image भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नए अध्यक्ष मिथुन मन्हास और ज्वॉइंट सेक्रेटरी प्रभतेज सिंह भाटिया।[/caption]

जूनियर क्रिकेट में खूब चला नाम

बाद में J&K टीम की कमान संभाली। इसी परफॉर्मेंस के आधार पर उनका सिलेक्शन नॉर्थ जोन के लिए हुआ। इसमें खेलते हुए मन्हास ने अपनी एक आइडेंटिटी बना ली। इसके बाद उनका नाम जूनियर क्रिकेट में खूब चला।

सहवाग- नेहरा के साथ दिल्ली से खेले

12वीं की परीक्षा देने के बाद मन्हास कुछ महीनों के लिए पहली बार दिल्ली आए। तब उनकी उम्र 17 साल थी। यहां आकर उन्होंने दिल्ली के प्रीमियर टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और फिर दिल्ली से खेलने लगे। उस दौर में दिल्ली की टीम में वीरेंद्र सहवाग, आशीष नेहरा जैसे दिग्गज खेलते थे।

साल 1997 में किया रणजी डेब्यू

दिल्ली के टूर्नामेंट में अच्छा परफॉर्म करने के चलते उनका सिलेक्शन अंडर-19 नेशनल टीम में हुआ। इसके बाद साल 1996 में उनका सिलेक्शन रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की टीम में हुआ। हालांकि, शुरुआती साल में मैदान में उतरने को मौका नहीं मिला। फिर अगले साल 1997 में उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी डेब्यू किया।

मन्हास की कप्तानी में दिल्ली ने जीती रणजी ट्रॉफी

मन्हास ने दिल्ली टीम के लिए लगातार अच्छा परफॉर्म करते हुए मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की की। 2001-02 सीजन में पहली बार रणजी ट्रॉफी में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हुए। मन्हास 2006 से 2008 तक दिल्ली रणजी टीम के कप्तान रहे। उनकी कप्तानी में दिल्ली ने 2007–08 रणजी ट्रॉफी जीती। ये दिल्ली टीम का 16वां रणजी ट्रॉफी खिताब था।

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प्रभतेज सिंह भाटिया के बारे में जानें

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प्रभतेज सिंह भाटिया छत्तीसगढ़ के दिग्गज उद्योगपति और समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया के बेटे हैं। प्रभतेज के पिता बलदेव सिंह भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ (CSCS) के अध्यक्ष रह चुके हैं। 32 साल के प्रभतेज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला से पूरी की। इसके बाद उन्होंने यूनाइटेड किंगडम स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में फाइनेंस का कोर्स किया। उनके शैक्षिक और नेतृत्व कौशल ने उन्हें क्रिकेट प्रशासन में एक प्रभावी व्यक्ति के रूप में स्थापित किया है।
BCCI में प्रभतेज भाटिया के बतौर ज्वॉइंट सेक्रेटरी बनाने पर बोर्ड में अब छत्तीसगढ़ का प्रभाव और बढ़ जाएगा।

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