भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की कवायद तेज: जुलाई में पेश होगा नया अधिनियम, CM ने की अधिकारियों के साथ बैठक

भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मप्र सरकार जुलाई सत्र में मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 लाने जा रही है। योजना में रोजगार, जल, सीवेज, परिवहन और समन्वित विकास पर रहेगा फोकस।

भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की कवायद तेज: जुलाई में पेश होगा नया अधिनियम, CM ने की अधिकारियों के साथ बैठक

हाइलाइट्स

  • भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए बनेगा एक्ट
  • अगली कैबिनेट में होगा इसका प्रस्ताव
  • CM ने अधिकारियों के साथ की बैठक

Bhopal and Indore to Become Metropolitan Regions : मध्यप्रदेश में शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस संबंध में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रस्तावित योजना और कार्य योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि इसके लिए "मप्र मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025" तैयार किया गया है। इस अधिनियम का प्रस्ताव 20 मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा और जुलाई के संभावित मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा।

इंदौर और भोपाल के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों की रूपरेखा

  • इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में इंदौर के साथ उज्जैन, देवास और धार को शामिल किया जाएगा। प्रस्तावित क्षेत्रफल: 9336 वर्ग किमी, संभावित आबादी: 75 लाख

  • भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ के हिस्से शामिल होंगे। प्रस्तावित क्षेत्रफल: 9600 वर्ग किमी, संभावित आबादी: 60 लाख

    • इसमें औबेदुल्लागंज से लेकर श्यामपुर और आष्टा तक का क्षेत्र शामिल होगा।

एकीकृत विकास की जरूरत क्यों पड़ी

  • तेजी से बढ़ता शहरीकरण और शहरी फैलाव

  • भूमि उपयोग का प्रभावी और वैज्ञानिक निर्धारण

  • औद्योगिक, शहरी और ग्रामीण विकास का समन्वय

  • सीवेज, जल आपूर्ति, यातायात और पर्यटन जैसी सुविधाओं के समेकित विकास की आवश्यकता

व्यापक योजना और डेटा आधारित विकास

  • डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के लिए 2 जून को टेंडर निकाला जाएगा

  • 18 विभागों से जरूरी डेटा मांगा गया है

  • योजना में प्राकृतिक सुंदरता, कृषि योग्य भूमि और वन क्षेत्रों का संरक्षण प्राथमिकता में रहेगा

रोजगार और इकनॉमिक कॉरिडोर पर खास जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि योजना में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए।

  • हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य, सेवा क्षेत्र और व्यापार पर विशेष फोकस

  • आर्थिक वृद्धि के लिए इकनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे

प्रशासनिक संरचना

मेट्रोपॉलिटन रीजन के संचालन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जिसके चेयरमैन स्वयं मुख्यमंत्री होंगे।

  • नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष

  • सचिव स्तर के अधिकारी, रेलवे, मेट्रो, बिजली, नगर निगम और क्षेत्रीय निकायों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

देश का 13वां राज्य होगा मध्यप्रदेश

मप्र सरकार ने देश के 12 राज्यों के मेट्रोपॉलिटन मॉडल की स्टडी की है, जिनमें मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, दिल्ली एनसीआर, गुवाहाटी आदि शामिल हैं। इन राज्यों की तर्ज पर अब मध्यप्रदेश देश का 13वां राज्य होगा, जहां दो बड़े मेट्रोपॉलिटन रीजन – भोपाल और इंदौर विकसित किए जाएंगे।

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