Sushma Swaraj's daughter: मिलिए दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बंसुरी स्वराज से, जो राजनिति में रखने में जा रही कदम

Sushma Swaraj's daughter: मिलिए दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बंसुरी स्वराज से, जो राजनिति में रखने में जा रही कदम Sushma Swaraj's daughter: Meet late Sushma Swaraj's daughter Bansuri Swaraj, who is taking steps to enter politics

Sushma Swaraj's daughter: मिलिए दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बंसुरी स्वराज से, जो राजनिति में रखने में जा रही कदम

Sushma Swaraj's daughter: दिवंगत केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बंसुरी स्वराज ने औपचारिक रूप से एक्टिव राजनीति में एंट्री कर लिया है। उन्हें भाजपा दिल्ली राज्य कानूनी प्रकोष्ठ का सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। हालांकि स्वराज का कहना है कि वह पहले भी कानूनी मामलों में पार्टी की मदद करती रही हैं।

उन्होंने कहा, 'बात बस इतनी है कि मुझे औपचारिक रूप से दिल्ली भाजपा के कानूनी विभाग के सह-संयोजक के रूप में अधिक सक्रिय रूप से पार्टी की सेवा करने का अवसर दिया गया है।' दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि स्वराज की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। लेकिन बंसुरी स्वराज कौन है? आईए जानते है।

बंसुरी दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व विदेश मंत्री (MEA) सुषमा स्वराज की बेटी हैं। वह सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट हैं। उन्हें कानूनी पेशे में 16 साल का अनुभव है। दिल्‍ली बार कॉउंसिल में 2007 में उन्‍होंने रजिस्‍ट्रेशन करवाया जिसके बाद से वो प्रैक्टिस कर रही हैं। बांसुरी क्रिमिनल केस के अलावा रियल एस्टेट, टैक्स, कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े केस लड़ती आईं हैं और दिग्गज लोगों के सानिध्‍य में काम कर चुकी हैं।

शिक्षा की बात करें तो उन्होंने इंग्लैंड के वारविक विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में बीए (ऑनर्स) के साथ ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद बंसुरी स्वराज ने लंदन के बीपीपी लॉ स्कूल में कानून की पढ़ाई पूरी की।  बैरिस्टर के रूप में डिग्री हासिल की।

बांसुरी स्वराज सबसे पहले उस समय खूब चर्चा में आईं थीं जब उन्‍हें वो पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी की लीगल टीम से जुड़ी थीं। उस समस भाजपा ने अपने बचाव में कहा था सुषमा स्वराज की बेटी का अपना प्रोफेशन है और वो अपना काम चुनने के लिए पूर्ण रूप से स्‍वतंत्र हैं।

उनकी मां, सुषमा स्वराज की बात करें तो उनका 2019 में 67 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारणनिधन हो गया था। वह पिछली भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में विदेश मंत्री थीं। इसके अलावा साल 1998 में छोटे समय के लिए दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी थीं।

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