Bengal Election 2021: नंदीग्राम में ममता-सुवेंदु की जंग के बीच ‘महागठबंधन’ से ताल ठोकेंगी CPM की मीनाक्षी मुखर्जी

कोलकाता। (भाषा) पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा नीत विपक्ष के महागठबंधन ने नंदीग्राम सीट से  माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी को टिकट देने की घोषणा की। इस सीट पर माकपा की युवा इकाई की प्रदेश प्रमुख मुखर्जी का मुकाबला मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी तथा भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से होगा। नंदीग्राम सीट पर सब की नजरें हैं, क्योंकि बनर्जी अपने पूर्व सहयोगी अधिकारी की चुनौती को स्वीकार कर वहां से चुनाव लड़ रही हैं। वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की पश्चिम बंगाल प्रमुख मीनाक्षी मुखर्जी की नंदीग्राम सीट से उम्मीदवारी की घोषणा की। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर एक अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होगें चुनाव

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होने वाले चुनावों में से छह चरणों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए बोस ने कहा कि कई प्रत्याशियों की उम्र 40 साल से कम है जबकि कुछ तो 26-27 साल के ही हैं।माकपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोस ने कहा, “ नंदीग्राम सीट हॉटस्पॉट बन गई है।” इससे पहले अटकलें थी कि इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के नेता और मुस्लिम धर्मगुरु अब्बास सिद्दीकी नंदीग्रास सीट से अपना नामांकन दायर करेंगे लेकिन यह सीट वाम मोर्चे के हिस्से में आ गई। बोस ने कहा कि पार्टी में युवाओं को बढ़ावा देने के लिए वाम मोर्चे ने 2021 के विधानसभा चुनाव के लिए कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है। माकपा ने पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम जैसे वरिष्ठ नेता को चंदिताला से तो निवर्तमान विधानसभा में वाम मोर्चे के नेता सुजान चक्रवर्ती को जादवपुर सीट से टिकट दिया है। भाकपा के राज्य सचिव स्वपन बनर्जी ने कहा कि गठबंधन सहयोगी आईएसएफ ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने में अनिच्छा दिखाई थी, इसलिए इस सीट से माकपा चुनाव लड़ेगी।

2011 में लेफ्ट से टीएमसी ने छीन ली थी नंदीग्राम सीट

उन्होंने कहा इसके बदले में आईएसएफ माकपा के हिस्से की एक सीट से चुनाव लड़ेगी। स्वपन बनर्जी ने कहा कि नंदीग्राम सीट पहले वाम मोर्चे में साझेदार भाकपा के पास होती थी लेकिन इस बार यह माकपा के हिस्से में आई है। नंदीग्राम सीट से वाम मोर्चे का उम्मीदवार जीतता था लेकिन 2011 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने यह सीट उससे छीन ली थी। 2016 के चुनाव में भी टीएमसी के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2016 के चुनाव में भाकपा के उम्मीदवार को 26.70 प्रतिशत वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रहे थे जबकि भाजपा के प्रत्याशी को मात्र 5.40 फीसदी ही मत हासिल हुए थे। वहीं अधिकारी को 67.20 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे। अधिकारी इस बार नंदीग्राम सीट से भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में उतर रहे हैं। गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे में वाम मोर्चे को मिली सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए बोस ने कहा कि कुछ सीटों पर अभी सहमति नहीं बनी है। वाम मोर्चे ने पांच मार्च को दो चरणों के चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया था।

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