UP News: यूपी में शिक्षा विभाग के बाद रडार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग, निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर हो जाएं सावधान

UP MEDICAL NEWS: लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं।

UP News: यूपी में शिक्षा विभाग के बाद रडार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग, निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर हो जाएं सावधान

 UP MEDICAL NEWS: लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

निर्देशों के प्रमुख बिंदु

निजी प्रैक्टिस पर रोक: सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।
अस्पतालों में उपस्थिति: डॉक्टरों को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अस्पतालों में नियमित रूप से उपस्थित रहना होगा।

निजी क्लीनिकों की निगरानी: निजी क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों के लिए सख्त नियम लागू किए जाएंगे। इनमें लाइसेंस, स्वच्छता और सुरक्षा मानक शामिल हैं।
मरीजों के अधिकार: मरीजों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना अनिवार्य होगा। उपचार की लागत और प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।

publive-image

यह भी पढ़ें: यूपी शिक्षा विभाग में हड़कंप: लापरवाही पर 44 डीआईओएस समेत 100 से ज्यादा अधिकारियों को नोटिस

 विभाग की चेतावनी

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कहा है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिला स्तर पर निरीक्षण टीमें गठित की हैं, जो अस्पतालों और निजी क्लीनिकों का नियमित रूप से निरीक्षण करेंगी।

डॉक्टरों की प्रतिक्रिया

इस फैसले पर डॉक्टरों की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ डॉक्टरों ने इसे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। वहीं, कुछ डॉक्टरों का कहना है कि इससे उनकी आय पर असर पड़ सकता है और यह फैसला उनके लिए नुकसानदेह हो सकता है।

यह भी पढ़ें: Mahakumbh 2025: लखनऊ, डीडीयू और प्रयागराज स्टेशन पर हाहाकार, चारो तरफ़ खचा-खच भीड़, महाकुंभ जाने को इधर-उधर भटक रहे लोग

सरकार का उद्देश्य

सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। अक्सर यह देखा गया है कि सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर निजी प्रैक्टिस पर अधिक ध्यान देते हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं। इस फैसले के माध्यम से सरकार इन समस्याओं को दूर करना चाहती है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article