Mayur Shikha ke Fayde: घर में लगा लिया ये पौधा तो बरसेगा धन, होगा चमत्कार ही चमत्कार

मयूर शिखा (Mayur Shikha) देखने में सुहावना तो लगता ही है और इसका प्रभाव बहुत हटके लेकिन काफी अच्छा है - जानिए मयूर शिखा के फायदे.

Mayur Shikha ke Fayde: घर में लगा लिया ये पौधा तो बरसेगा धन, होगा चमत्कार ही चमत्कार

Mayur Shikha ke Fayde: घर के ड्राइंग रूम और टैरेस को सजाने के लिए तरह-तरह के पौधे और हर्ब लगाए जाते हैं। ये न केवल देखने में मनमोहक होते हैं, बल्कि ये प्लांट्स हमारे मन को शांत भी रखते हैं।

लेकिन कई ऐसे पौधे हैं, जो ज्योतिष और वास्तु के अनुसार काफी चमत्कारी होते हैं। यहां ऐसे ही एक पौधे 'मयूर शिखा' (Mayur Shikha) के बारे में बता रहे हैं, जो देखने में सुहावना तो लगता ही है और इसका प्रभाव बहुत हटके लेकिन काफी अच्छा है।

मयूरशिखासेघरमेंआतीहैशुभता और धन

मोर सिर पर मौजूद शिखा जैसा दिखने के कारण ही इस पौधे को 'मयूर शिखा' कहते हैं। मयूर शिखा को घर में लगाने से शुभता आती है और धन की देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

मान्यता है कि इसे घर में लगाने से वास्तु दोष से छुटकारा प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, इस चमत्कारी प्लांट के बारे में ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में क्या-क्या लिखा गया है।

सकारात्मकऊर्जाकाप्रवाह

वास्तु शास्त्र के अनुसार मयूर शिखा का पौधा लगाने से घर के अंदर मौजूद सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह पौधा नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर देता है। परिवार के सदस्यों में सकारात्मक विचार और ऊर्जा का प्रवाह होता है।

फलस्वरूप, इससे घर का माहौल पवित्र और हंसी-खुशी वाला बना रहता है। आपसी मतभेद नहीं पनप पाते हैं। सदस्यों में प्रेम बढ़ता है। यह झगड़ा होने की नौबत ही आने नहीं देता है।

पितृदोषसेछुटकारा

ज्योतिष के अनेक ग्रंथों में व्यक्ति के जीवन में पितृ दोष सबसे बड़ा दोष बताया गया है. ज्योतिष के अनुसार, घर में मयूर शिखा लगाने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है।

इसलिए जिन लोगों को पितर-दोष की समस्या है, उन्हें अपने पूर्वजों और पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस पौधे को घर में जरूर लगाना चाहिए।

घरमेंनहींहोताबुरीआत्माओंकाप्रवेश

माना जाता है कि घर में मयूर शिखा का पौधा लगाने से दुष्ट और बुरी आत्माएं प्रवेश नहीं कर पाती हैं। यही कारण है कि इसे “दुष्टात्मानाशक” कहा जाता है।

इसलिए इस प्रभावशाली पौधे को घर के प्रवेश द्वार के पास रखा जाता है। इसके लिए आप इस पौधे को अपने घर के अंदर या बगीचे भी में लगा सकते हैं।

बच्चोंकोबुरीनजरसेबचाताहैमयूरशिखा

केवल यही नहीं अगर बच्चे को बार-बार बुरी नजर लग जाती है, तो मयूर शिखा पौधा लगाने से उनकी बुरी नजर लगने की समस्या से भी छुटकारा मिल जाता है।

इसके लिए उस बच्चे के कमरे में ये पौधा जरूर लगाएं। आप इसे ड्राइंग रूम में भी लगा सकते हैं।

वास्तुदोषनिवारणमेंलाभकारीहैमयूरशिखा

वास्तुशास्त्र के अनुसार, मयूर शिखा पौधे में घर के वास्तु दोष निवारण की जबरदस्त क्षमता है। इसे घर में सही जगह पर लगाने से घर और प्रांगण की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।

खानेमेंभीइस्तेमालहोताहैमयूरशिखा

आयुर्वेद के ग्रंथों में मयूर शिखा के पौधे को काफी गुणकारी बताया गया है। इसकी पत्तियों और फूल का इस्तेमाल खाने में किया जा सकता है।

हरी धनिया की तरह इसे सब्जियों और व्यंजनों में मिक्स किया जा सकता है।

रोग उपचार में मयूर शिखा का उपयोग

मयूर शिखा की पत्तियों में अम्लता, कफ और पित्त नाश करने की जबरदस्त क्षमता होती है। यह मधुमेहरोधी होने के कारण डायबिटीज रोग के नियंत्रण में काफी प्रभावकारी है।

आइए जानते हैं, रोग की रोकथाम और उपचार में मयूर शिखा का उपयोग किस प्रकार से होता है:

जिन्हें त्वचा में खुजली होती है या लाल-लाल चकत्ते बन जाते हैं, उन्हें प्रभावित क्षेत्र पर मयूर शिखा का पेस्ट लगाने से राहत मिल जाती है।

जिनको मधुमेह (डायबिटीज) की नई-पुरानी कोई समस्या हो और ब्लड में शुगर लेवल बहुत बढ़ गया हो, उनको मयूर शिखा (एक्टिनोप्टेरिस रेडिएटा) का काढ़ा दिन दो बार लेने से फायदा होता है।

तेज बुखार होने पर मयूर शिखा का ताजा रस या ठंडा आसव बेहद फायदेमंद होता है।

पेट के कीड़े और दस्त के इलाज के लिए मयूर शिखा का काढ़ा देना फायदेमंद होता है।

जहरीले कीड़े जहर के प्रभाव को कम करने के लिए इस पौधे को घी और चावल के पानी में मिला कर देने से लाभ होता है।

पेट में पथरी होने पर मयूर शिखा की जड़ को चावल या अनाज, पानी या दूध के साथ लिया जाता है।

अन्य भाषाओं में मयूर शिखा के नाम

मयूर शिखा का वानस्पतिक नाम (Actiniopteris radiata) है, जो टेरिडेसी (Pteridaceae) कुल का पौधा है। अंग्रेजी में इसे पीकॉक्स टेल (Peacock’s Tail) कहते हैं। मयूर शिखा भारत के लगभग सभी जगहों पर पाया जाता है। यही कारण है कि स्थानीय भाषाओं में इसके कई नाम हैं।

गुजराती और मराठी में इसे मोर शिखा और तमिल मयिल अटुमशिकई कहते हैं। जबकि तेलगु में माइरक्षिपा और उड़िया में मयूर चूड़िआ कहा जाता है।

कहां और कैसे लगाएं मयूर शिखा

मयूर शिखा पौधा आसानी से हर जगह प्राप्त हो जाता है। यह पौधे दो या तीन प्रकार के होते हैं। यदि किसी मित्र या जानने वाले के घर में लगा हो, तो आप उनसे इसकी दो-तीन पौधे जड़-सहित लेकर किसी गमले या जमीन पर लगा सकते हैं।

यह आपको अपने नजदीकी फ्लावर नर्सरी में भी आसानी से मिल जाएगा। ये ज्यादा महंगा भी नहीं होता है। आप चाहें तो इसके बीज ऑनलाइन भी मंगा कर अपने घर के गमले या बगीचे की जमीन पर बो सकते हैं।

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