भोपाल। राजधानी भोपाल की मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ हत्या का प्रयास और बलवा बलवा जैसे संगीन मामलों सहित कुल 34 केस दर्ज हैं। इसके बाद भी मसूद के पास एक डबल बैरल हथियार का लाइसेंस है। पुलिस इस लाइसेंस को अवैध तरीके से हासिल करने की जांच में जुट गई है। गौरतलब है मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मसूद का आपराधिक बैकग्राउंड रहा है। शाहजहांनाबाद थाने से लेकर नए भोपाल तक मसूद के खिलाफ 34 साल में 34 एफआईआर दर्ज हो चुकीं हैं। मसूद के खिलाफ गदर फिल्म के दौरान प्रदर्शन करने पर हत्या के प्रयास का भी एक मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। मसूद के खिलाफ सबसे पहला मामला साल 1986 में दर्ज किया गया था। इतने मामलों के बाद मसूद के पास एक डबल बैरल का लाइसेंसी हथियार कैसे आया। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
इसलिए सुर्खियों में आए मसूद…
बता दें कि हाल ही में मप्र हाईकोर्ट में सांसद-विधायकों के खिलाफ लंबित प्रकरणों की प्रगति के संबंध में रजिस्ट्रार जनरल की जो रिपोर्ट पेश की गई थी। इस पर बीते मंगलवार को सुनवाई हुई थी। जानकारी के मुताबिक इस स्टेटस रिपोर्ट में सबसे अधिक शिकायतें आरिफ मसूद के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि पिछले महीने मप्र हाईकोर्ट में वर्तमान और पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित प्रकरणों की प्रगति के संबंध में रजिस्ट्रार जनरल ने रिपोर्ट पेश की थी।
इसमें बताया गया था कि कुल 192 प्रकरण अभी भी लंबित हैं। इस मामलेपर मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक की अध्यक्षता वाली युगलपीठ स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की सुनावई 9 मार्च को निर्धारित की थी। इस मामले पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ संगीन अपराध दर्ज हो तो उसे गन लाइसेंस नहीं दिया जाता है। उन्हें किन परिस्थियों में लाइसेंस दिया गया है यह देखना होगा। हमारी सरकार इन मामलों में सख्त है। अगर कोई लापरवाही मिलती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।