कृषि में 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान: किसानों के लिए बजट 25 हजार करोड़ रुपए बढ़ाया, मिनिमम सपोर्ट प्राइस पर कोई घोषणा नहीं

Kisan Budget 2024: बजट 2024 में कृषि और किसानों के लिए कई घोषणाएं की, पर किसानों को उम्मीद एमएसपी को लेकर थी...

कृषि में 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान: किसानों के लिए बजट 25 हजार करोड़ रुपए बढ़ाया, मिनिमम सपोर्ट प्राइस पर कोई घोषणा नहीं

हाइलाइट्स

  • किसानों और कृषि क्षेत्र के 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान
  • किसानों के लिए बजट 21.6% यानी 25 हजार करोड़ रुपए बढ़ाया
  • 6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर लाई जाएगी

Kisan Budget 2024: बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र के 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यह पिछले साल की तुलना में 21.6% यानी 25 हजार करोड़ रुपए बढ़ाया गया है।

वहीं किसानों की सबसे प्रमुख मांग मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP को लेकर बजट में कोई घोषणा नहीं की गई है।

इससे किसानों में बजट को लेकर कोई खास उत्साह देखने को नहीं मिला है।

सरकार का तिलहन और नेचुरल फॉर्मिंग पर फोकस 

सरकार का फोकस तिलहन और नेचुरल फॉर्मिंग पर रहेगा। एक साल में नेचुरल फॉर्मिंग से एक करोड़ किसान जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

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वहीं बजट (Kisan Budget 2024) में सरसों, मूंगफली, सनफ्लॉवर और सोयाबीन जैसी फसलों पर फोकस की बात कही गई है। 5 राज्यों में नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर आएगी

देश के 6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर लाई जाएगी। 400 जिलों में फसलों का डिजिटल सर्वे किया जाएगा।

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आदिवासी बहुल 63,000 गांवों के लिए PM जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान योजना शुरु होगी।

32 फसलों की 109 नई किस्में और 19 किस्में उच्च पैदावार वाली लाने पर फोकस की बात कही गई है।

किसानों कि इन उम्मीदों पर फिरा पानी

1. न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून पर कोई बात नहीं

2. किसान की आय सुनिश्चित करने का कोई प्रावधान नहीं

3. कृषि उपकरणों को जीएसटी से छूट का प्रस्ताव नहीं

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4. किसान सम्मान निधि बढ़ाने को लेकर कोई घोषणा नहीं

5. खाद, बीज, कीटनाशक सस्ते करने का कोई जिक्र नहीं

लागत बढ़ी पर सरकार MSP गारंटी देने तैयार नहीं

किसान जागृति संगठन प्रमुख इरफान जाफरी ने कहा कि देश में बढ़ती हुई महंगाई के कारण किसान की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

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खाद बीज, कीटनाशक, डीजल सहित खेती में उपयोग होने वाली चीजों के रेट बढ़ने के कारण खेती की लागत दोगुनी हो गई है।

लेकिन सरकार है कि एमएसपी यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइज की गारंटी देने को तैयार नहीं है। जिसका सरकार खुद कई बार वादा कर चुकी है।

किसानों की आय दोगुना सिर्फ कोरा वादा

भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों से यह वादा किया था कि 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी कर देगें।

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किसान मोदी सरकार के हर बजट को बड़ी उम्मीद से देख रहा होता है कि इस बार किसानों की आय दोगुनी करने के लिये सरकार बजट में प्रावधान करेगी।

लेकिन किसानों को हर बार निराशा हाथ लगती है। एमएसपी पर तो ये बात ही नहीं करते।

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क्या गारंटी की किसानों को अच्छे दाम मिल जाएं?

संयुक्त किसान मोर्चा के राहुल राज ने कहा कि तिलहन दलहन को बढ़ावा देने की बात बजट में है ये सब बेमायनी है।

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क्या गारंटी है कि किसान सरकार की बताई फसल को लगाए और उसके इसे अच्छे दाम मिल जाएं। हम मध्य प्रदेश में मूंग उत्पादक किसानों के हाल देख चुके हैं।

सरकार के प्रोत्साहन के बाद किसानों में मूंग का उत्पादन बढ़ा दिया तो सरकार ने खरीदी के लिये कई सारे कड़े नियम बनाकर बैंड लगा दिया। नुकसान किसान का हुआ।

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