Manipur Violence: मुख्यमंत्री सचिवालय के पास महिलाओं का विरोध-प्रदर्शन, पढ़ें विस्तार से

मणिपुर के मुख्यमंत्री सचिवालय सैकड़ों महिलाएं एकत्र हुईं और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से इस्तीफा नहीं देने का आग्रह किया।

Manipur Violence: मुख्यमंत्री सचिवालय के पास महिलाओं का विरोध-प्रदर्शन, पढ़ें विस्तार से

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री सचिवालय एवं राजभवन से लगभग 100 मीटर दूर नुपी लाल कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को सैकड़ों महिलाएं एकत्र हुईं और पूर्वोत्तर राज्य में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से इस्तीफा नहीं देने का आग्रह किया।

https://twitter.com/ANI/status/1674718906433536000?s=20

इंफाल में ऐसी अफवाहें

सूत्रों ने बताया कि इंफाल में ऐसी अफवाहें जोरों पर हैं कि सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं, खासकर बृहस्पतिवार को राज्य में फिर से हुई हिंसा के बाद, जिसमें तीन और लोगों की जान चली गई। महिला नेता क्षेत्रीमयुम शांति ने कहा, ‘‘ इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, बीरेन सिंह सरकार को दृढ़ रहना चाहिए और उपद्रवियों पर नकेल कसनी चाहिए।’’

अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर के कंगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों तथा संदिग्ध दंगाइयों के बीच गोलीबारी में घायल हुए एक और व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिससे घटना में जान गंवाने वालों लोगों की कुल संख्या शुक्रवार को बढ़कर तीन हो गई।

आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश

हथियारों से लैस दंगाइयों ने हरओठेल गांव में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की थी। सेना ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों ने स्थिति से निपटने के लिए उचित तरीके से जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार को मारे गए दो दंगाई जिस समुदाय के थे, उसके सदस्यों ने उनके शव के साथ यहां मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश की।

पुलिस ने किया प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के आवास की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी पुलिस की आवाजाही को बाधित करने के लिए सड़क के बीच में टायर जलाते हुए भी देखे गए।

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने जब प्रदर्शनकारियों को सिंह के आवास तक मार्च करने से रोका, तो वे हिंसक हो गए, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। गौरतलब है कि मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच मई की शुरुआत में भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है।

ये भी पढ़ें :

खरगोन में BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष CM शिवराज सिंह ने किए दो बड़े ऐलान

Kaam Ki Baat: पैन-आधार लिंकिंग सहित इन तीन कामों का जल्द करें निपटारा, आज अंतिम तिथि

India-West Indies Test Series: बल्लेबाज क्रेग ब्रेथवेट की अगुवाई में 18 सदस्यों की टीम घोषित, जानें किन खिलाड़ियों को दी जगह

Bhopal News: विपक्ष को मिला मुद्दा, सब्जियों के बढ़ते दामों को विरोध में महिला कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन

CG Barish News: छत्तीसगढ़ में मानसून एक्टिव, आने वाले तीन दिन कैसा रहे मौसम

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article