Mangal Gochar 2025: यदि आपकी राशि भी है कर्क, धनु और सिंह, तो हो जाएं सावधान, कष्टकारी हो सकते हैं नीच के मंगल,

Mangal Gochar 2025: यदि आपकी राशि भी है कर्क, धनु और सिंह, तो हो जाएं सावधान, कष्टकारी हो सकते हैं नीच के मंगल mangal-gochar-2025-kark-effect-mesh-dhanu-singh-vrashchik-makar-upay-neech-ke-mangal-mars-transit-astrology-hindi-news-pds

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Mangal Gochar 2025 Kark Effect: अप्रैल का महीना शुरू हो गया है। इसी के साथ ग्रहों की चाल (Grah Gochar 2025) में बड़ा बदलाव होने वाला है। 29 मार्च को शनि गोचर के बाद बड़े ग्रहों में मंगल अपनी राशि (Mangal Rashi Parivartan) बदलने जा रहे हैं।

हिन्दू पंचांग (Hindu Panchang)  में ग्रहों की चाल सभी राशियों के जातकों पर असर डालती है। चलिए जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार मंगल अप्रैल में मंगल का गोचर कब है, लोक विजय पंचांग (Lock Vijay Panchang) के अनुसार अप्रैल में मंगल का गोचर (Mangal Gochar) होगा।

7 अप्रैल 2025 दिन सोमवार को मंगल मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश (Kark me Mangal Gochar 2025)  करेंगे। आपको बता दें कर्क मंगल की नीच राशि है।

नीच के मंगल से किसे होगा अशुभ असर (Mangal Gochar 2025 Effect) 

ज्योतिषाचार्य के अनुसार जब कोई ग्रह नीच राशि में प्रवेश करता है तो उसका प्रभाव विपरीत होता है। आपको बता दें कर्क मंगल की नीच राशि है। मंगल के नीच राशि में प्रवेश करने पर कुछ राशि के जातकों को दो महीने के लिए सतर्क रहना होगा।

मंगल नीच राशि में कब तक रहेंगे (Kark me Mangal Gochar kab Hai) 

हिन्दू पंचांग के अनुसार मंगल का नीच राशि कर्क में गोचर लंबे समय के लिए हो रहा है। मंगल 7 अप्रैल 2025 को मंगल मिथुन से कर्क राशि में गोचर करेंगे। जो 62 दिन तक इसी राशि तक रहेंगे। इसके बाद 9 जून 2025 सोमवार को एक बार फिर राशि परिवर्तन करेंगे।

यहाँ से ये सिंह राशि में पहुँच जाएंगे।

मंगल की नीच, उच्च और स्व राशि (Mangal ki Swa, Uchha, Neech Rashi) 

ज्योतिष में हर ग्रह की उच्च, नीच और स्व राशि होती है। जो सभी जातकों पर शुभअशुभ प्रभाव डालती है। ज्योतिष के अनुसार मकर मंगल की उच्च, कर्क नीच ओर मेष और वृश्चिक स्व राशियां हैं। ऐसे में मंगल का नीच राशि कर्क में गोचर कई जातकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

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कर्क राशि में मंगल गोचर का असर क्या होगा (Mangal Rashi Parivartan Effect) 

  • नीच राशि कर्क में गोचर करने पर मंगल की उग्रता बढ़ जाएगी। इस दौरान दुर्घटनों के बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।
  • चोट चपेट और दुर्घटना की आशंकाएं बढ़ जाती हैं।
  • एक महीने तक आघात के योग ज्यादा रहेंगे।
  • इन एक महीने में अप्रिय घटनाओं और प्राकृतिक प्रकोप बढ़ेगा।
  • जिन लोगों के लिए नीच के मंगल अशुभ हैं उन्हें यात्रा के दौरान सावधानी रखनें की जरूरत है।

कर्क में मंगल गोचर किसके लिए होगा शुभ (Mangal Gochar Kise Ashubh Hoga) 

कर्क राशि में मंगल का गोचर से मेष और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ रहेगा। वो इसलिए क्योंकि ये दोनों ही राशियां मंगल की स्व राशियां हैं। इस दौरान आपको सुख सुविधा प्राप्त होगी।

कर्क में मंगल गोचर किसके लिए होगा अशुभ (Mangal Gochar kiske liye hoga shubh) 

कर्क में मंगल का गोचर कुछ जातकों को दो महीने तक सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। ज्योतिषीय गणित के अनुसार जिन जातकों की राशि धन, सिंह और कर्क है उन्हें 62 दिन तक यानी 9 जून तक सतर्क रहना होगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि कर्क में मंगल के गोचर धनु राशि के लिए आठवां, सिंह राशि के लिए बारहवां और मेष राशि के लिए चौथा रहेगा।

इस दौरान मेष राशि मंगल की स्वराशि होने के कारण इन पर चौथा होने के कारण भी विपरीत असर नहीं पड़ पाएगा। तो वहीं कर्क राशि वालों के लिए भी दो महीने बेहदकष्टकारी रहेंगे।

मंगल के उपाय

  • ज्योतिष के अनुसार, मंगल ग्रह को मज़बूत करने के लिए कई तरह के उपाय किए जा सकते हैं।
  • मंगल को मजबूत करने के लिए मंगलवार का व्रत रखें।
  • मंगलवार को हनुमान जी की पूजन करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • मंगल यंत्र की स्थापना करें।
  • मूंगा रत्न धारण करें।
  • मंगलवार को मंगल मंत्र का जाप करें।
  • मंगलवार को लाल रंग के कपड़े पहनें।
  • लाल रंग की चीज़ों का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें।
  • लाल रंग के फूलों का इस्तेमाल करें।
  • मंगल से जुड़ी चीज़ों का दान ज्यादा से ज्यादा करें।

मंगल ग्रह से जुड़े उपाय

  • मंगलवार के दिन लाल धातू में तांबा, लाल वस्त्र, लाल चंदन, लाल फूल या मसूर की दाल का दान करें।
  • भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ भगवान कार्तिकेय का भी पूजन करें।
  • भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • मंगल के बीज मंत्र ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः का जाप करें।
  • ॐ भौं भौमाय नमः ॐ अं अंगारकाय नमः मंत्र का जाप करें।
  • हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल मिलाकर चोढ़ा चढ़ाएं।
  • हनुमान जी को नारियल, पान, सुपारी और लाल फल का भोग लगाएं।
  • मंदिर में बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • हनुमान जी की आरती करें।

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