मनेंद्रगढ़ जिले के SECL खदान में हादसा: सिर पर पत्थर गिरने से दो श्रमिकों की मौत, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

Manendragarh SECL Mine Accident: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में एसईसीएल खदान में सिर पर पत्थर गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना खदान के अंदर ड्रेसिंग कार्य के दौरान हुई।

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Manendragarh SECL Mine Accident: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में एसईसीएल खदान में सिर पर पत्थर गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना खदान के अंदर ड्रेसिंग कार्य के दौरान हुई। हादसे के बाद खदान में काम कर रहे अन्य श्रमिकों के बीच डर और भय का माहौल बन गया है। यह घटना खदानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है।

ब्लास्टिंग के बाद ड्रेसिंग कार्य के दौरान छत से गिरे पत्थर

[caption id="" align="alignnone" width="497"]publive-image मनेन्द्रगढ़ के सेंट्रल अस्पताल में डॉक्टरों ने श्रमिकों को मृत घोषित कर दिया[/caption]

यह हादसा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित राजनगर उपक्षेत्र के झिरिया अंडरग्राउंड खदान में हुआ। कोयला खदान में ब्लास्टिंग के बाद ड्रेसिंग कार्य के दौरान छत से पत्थर गिरने लगे, जिससे श्रमिक लखन लाल (स्वर्गीय चरकू) और वॉल्टर तिर्की (पिता का नाम लजरस तिर्की) घायल हो गए। दोनों को मनेन्द्रगढ़ के सेंट्रल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रॉड और कैप्सूल की गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल 

खदान में सुरक्षा मानकों की कमी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एसईसीएल की झिरिया अंडरग्राउंड खदान में हुई यह दुर्घटना न केवल श्रमिकों की सुरक्षा में कमी को दिखाती है, बल्कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है। इस घटना के बाद छत को सहारा देने के लिए इस्तेमाल किए गए रॉड और कैप्सूल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

श्रमिकों ने कहा- गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी

यह हादसा यह संकेत देता है कि खदानों में सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं लागू किया जा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि छत को सपोर्ट देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इस घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, और इसमें दोषी पाए गए प्रबंधन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

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