Mamta Kulkarni Resigned: ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा, कहा साध्वी हूं और बनी रहूंगी

Mamta Kulkarni resigned from post of Mahamandaleshwar: किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा, "मैं एक साध्वी हूं और साध्वी ही बनी रहूंगी।"

Mamta Kulkarni Resigned: ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा, कहा साध्वी हूं और बनी रहूंगी

Mamta Kulkarni resigned from post of Mahamandaleshwar: किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा, "मैं एक साध्वी हूं और साध्वी ही बनी रहूंगी।"

अचानक इस्तीफे से संत समाज में चर्चा

ममता कुलकर्णी के इस फैसले से संत समाज में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं बताई, लेकिन उनके इस कदम को अखाड़े में चल रही आंतरिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

आध्यात्मिक जीवन जारी रखने की घोषणा

इस्तीफे के बाद ममता कुलकर्णी ने कहा कि वह अपने आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ती रहेंगी और सनातन परंपराओं का पालन करती रहेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य हमेशा धर्म और भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ना रहेगा।

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किन्नर अखाड़े में नया नेतृत्व कौन?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि किन्नर अखाड़े का नया महामंडलेश्वर कौन होगा और ममता कुलकर्णी के इस फैसले का संत समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल, उनके इस्तीफे के बाद अखाड़े में मंथन जारी है। ममता ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि "मैं महामंडलेश्वर ममता नंदगिरी इस पद से इस्तीफा देती हूं। दोनों समूहों के बीच जो लड़ाई चल रही है, वह सही नहीं है। मैं 25 साल से साध्वी हूं और मैं साध्वी ही रहूंगी। महामंडलेश्वर के रूप में मुझे जो सम्मान मिला, वह 25 साल तक तैराकी सीखने और फिर बच्चों को इसे सिखाने जैसा था। लेकिन महामंडलेश्वर के रूप में मेरी नियुक्ति के बाद जो आक्रोश हुआ, वह अनावश्यक था। 

25 साल पहले बॉलीवुड छोड़ दिया-ममता

मैंने 25 साल पहले बॉलीवुड छोड़ दिया और फिर मैं गायब हो गई और हर चीज से दूर हो गई। मैं जो कुछ भी करती हूं, उस पर लोगों की बहुत अधिक प्रतिक्रियाएं होती हैं। मैंने देखा है कि बहुत से लोगों को मेरे महामंडलेश्वर के रूप में नियुक्त होने से समस्या थी, चाहे वह शंकराचार्य हों या कोई और। मुझे किसी कैलाश या मानसरोवर जाने की जरूरत नहीं है, मेरे सामने पिछले 25 वर्षों की तपस्या के लिए ब्रह्मांड है।

अखाड़े के कई संतों ने आपत्ति जताई थी

बता दें कि ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर अखाड़े के कई संतों ने आपत्ति जताई थी। मामले में हंगामा बढ़ता देख ऋषि अजय दास ने अभिनेत्री ममता कुलकर्णी और लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी दोनों को पद से हटा दिया। हालांकि, इसे लेकर भी मतभेद हैं। महामंडलेश्वर पद से हटाए जाने पर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि अजय दास मुझे अखाड़े से निकालने वाले कौन होते हैं, उन्हें तो 2017 में ही अखाड़े से निकाल दिया गया था।

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