VHP on Mamata Banerjee: महाकुंभ नहीं मृत्यु का कुंभ है, ममता के बयान के बाद फूटा VHP का गुस्सा, बोले मांगो माफ़ी वरना….

West Bengal CM Mamata Banerjee Mahakumbh Remark Vs VHP Reaction; पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है।

VHP on Mamata Banerjee: महाकुंभ नहीं मृत्यु का कुंभ है, ममता के बयान के बाद फूटा VHP का गुस्सा, बोले मांगो माफ़ी वरना….

VHP on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। ममता ने हाल ही में महाकुंभ को 'मृत्यु का कुंभ' बताया था, जिसके बाद VHP और संतों ने उनसे सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।

करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान 

VHP के प्रवक्ता ने कहा, "महाकुंभ हिंदू धर्म की सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है। इसे 'मृत्यु का कुंभ' कहना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान भी है। ममता बनर्जी को तुरंत अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

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ममता बनर्जी को हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए

संत समाज ने भी इस मामले पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी ने माफी नहीं मांगी, तो वे इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। एक संत ने कहा, "ममता बनर्जी को हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उनके बयान से करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। अगर वे माफी नहीं मांगती हैं, तो हम इसका जोरदार विरोध करेंगे।

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महाकुंभ में इतनी भीड़ होती है कि यह 'मृत्यु का कुंभ' बन जाता है-ममता

ममता बनर्जी ने हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में कहा था कि महाकुंभ में इतनी भीड़ होती है कि यह 'मृत्यु का कुंभ' बन जाता है। उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने भी नाराजगी जताई है और उन पर हिंदू विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

इस बीच, राज्य सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और गरमा सकता है, खासकर जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से धर्म और राजनीति के बीच की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखना यह है कि ममता बनर्जी इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और क्या वे संत समाज और VHP की मांगों को मानेंगी।

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