Male Alimony Rules: तलाक के बाद पुरुषों को भी मिल सकती है एलिमनी, हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में है ये कानून

Male Alimony Rules: हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में पुरुषों को भी तलाक के बाद एलिमनी मिलने का कानून है। जानें इससे जुड़ी सारी जानकारी।

Male Alimony Rules

Male Alimony Rules: भारत में तलाक के बाद एलिमनी को लेकर अक्सर चर्चा होती है। हाल ही में क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक के बाद यह मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में आया है। धनश्री वर्मा को लगभग 4.7 करोड़ रुपये की एलिमनी मिलने की खबरें हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में पुरुषों को भी एलिमनी मिल सकती है? आइए जानते हैं इस मुद्दे के बारे में विस्तार से।

Male Alimony Rules:एलिमनी क्या होती है और कैसे तय होती है?

एलिमनी या गुजारा भत्ता तलाक के बाद एक पार्टनर को दूसरे पार्टनर द्वारा दिया जाने वाला फाइनेंशियल सपोर्ट है। भारत में एलिमनी को लेकर कोई सटीक फॉर्मूला नहीं है, और यह अदालत द्वारा मामले की परिस्थितियों के आधार पर तय किया जाता है।

पुरुषों को एलिमनी मिलने के नियम (Male Alimony Rules)

हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत पुरुषों को भी एलिमनी मिल सकती है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। पुरुषों को एलिमनी तभी मिलती है जब वे शारीरिक या मानसिक रूप से सक्षम नहीं हों और अपनी पत्नी पर आर्थिक रूप से निर्भर हों।

एलिमनी लेने वाले पुरुषों की संख्या कम क्यों?

एलिमनी लेने वाले पुरुषों की संख्या कम होने का एक कारण यह है कि पुरुषों के लिए एलिमनी के नियम बहुत सख्त हैं। इसके अलावा, समाज में पुरुषों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर माना जाता है, और उन्हें एलिमनी लेने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता है।

महिलाओं को एलिमनी क्यों मिलती है?

महिलाओं को एलिमनी मिलने का एक कारण यह है कि वे अक्सर अपने पति पर आर्थिक रूप से निर्भर होती हैं और अपने करियर को छोड़ देती हैं ताकि वे अपने परिवार की देखभाल कर सकें। इसके अलावा, समाज में महिलाओं को अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर माना जाता है, और उन्हें एलिमनी के रूप में आर्थिक समर्थन दिया जाता है।

निष्कर्ष

भारत में तलाक के बाद एलिमनी के नियम पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अलग-अलग हैं। जबकि पुरुषों को एलिमनी मिलने के लिए कुछ शर्तें हैं, महिलाओं को अक्सर अपने पति पर आर्थिक रूप से निर्भर होने के कारण एलिमनी मिलती है।

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