Navratri Special Singhara Kadhi: अष्टमी के व्रत में बनाएं फलाहारी कढ़ी, बस सिघाड़े की पड़ेगी जरूरत, ये रही रेसिपी

Navratri Special Singhara Kadhi: अष्टमी के व्रत में बनाएं फलाहारी कढ़ी, बस सिघाड़े की पड़ेगी जरूरत, ये रही रेसिपी

Navratri Special Singhara Kadhi

Navratri Special Singhara Kadhi

Navratri Special Singhara Kadhi: नवरात्रि के व्रत के दौरान कई तरह के व्यंजनों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सिंघाड़ा आपके लिए तब मददगार साबित होता है जब आप अपने उपवास में पेट को कुछ स्वादिष्ट व्यंजनों से भरना चाहते हैं।

तो यह खास कढ़ी रेसिपी आपके लिए परफेक्ट (how to make Singhara Kadhi) है और आपको और आपके करीबियों को मसालेदार और चटपटे स्वादों से सराबोर कर देगी। एक सामान्य कढ़ी रेसिपी की तरह ही बनाई गई सिंघाड़ा आपकी क्लासिक कढ़ी में एक नयापन लाती है।

आज हम आपको इस स्वादिष्ट और चटपटी रेसिपी बताएंगे।

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क्या चाहिए

सिंघाड़े का आटा - 4 बड़े चम्मच, दही - 1 कप (फेंटा हुआ), घी - 2 बड़े चम्मच, जीरा - 1/2 चम्मच, हींग - 1 चुटकी, हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई), अदरक - 1/2 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ), करी पत्ते - 6-7 पत्ते, सेंधा नमक - स्वादानुसार, पानी - 3 कप, धनिया पत्ती - सजावट के लिए

कैसे बनाएं

घोल तैयार करें: सबसे पहले एक बाउल में सिंघाड़े का आटा (सिंघाड़ा कढ़ी कैसे बनाते हैं) और फेंटा हुआ दही डालें। इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ न रहे। अब इस घोल में 3 कप पानी डालकर पतला घोल तैयार कर लें।

तड़का तैयार करें: एक कढ़ाई में घी गरम करें। उसमें जीरा डालें और हल्का भूनें। इसके बाद हींग, हरी मिर्च, अदरक और करी पत्ते डालें और कुछ सेकंड तक भूनें।

कढ़ी पकाएं: अब तैयार घोल को धीरे-धीरे कढ़ाई में डालें और अच्छी तरह चलाते रहें ताकि कोई गांठ न बने।

उबाल आने दें: कढ़ी को मध्यम आंच पर उबाल आने तक लगातार चलाते रहें। जब उबाल आ जाए, तो आंच को धीमा कर दें और 10-15 मिनट तक पकने दें। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि कढ़ी तले में चिपके नहीं।

नमक डालें: कढ़ी गाढ़ी हो जाए, तो उसमें सेंधा नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं।

तैयार कढ़ी: जब कढ़ी अच्छी तरह पक जाए और सही गाढ़ापन आ जाए, तो गैस बंद कर दें।

सजावट और परोसें: कढ़ी को एक सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से ताज़ा धनिया पत्तियों से सजाएं।

आपकी सिंघाड़े की कढ़ी तैयार है! इसे व्रत के दौरान साबूदाने की खिचड़ी, समा के चावल या सिंघाड़े की पूड़ी के साथ परोसें और आनंद लें।

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