Makar Sankranti Vishesh Yog 2022 : मकर संक्रांति पर बनेगा विशेष योग, इस दिन का दान खोल सकता है तरक्की के द्वार, विधि—मंत्र

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नई दिल्ली। साल खत्म होने Makar Sankranti Vishesh Yog 2022 वाला है। नए साल के त्योहार की शुरुआत होगी मकर संक्रांति के त्योहार के साथ। आपको बता दें मकर संक्रांति 2022 पर इस बार ग्रहों का एक खास योग बनने जा रहा है। जिसमें मकर राशि में सूर्य के साथ—साथ शनि और बुध भी होंगे। इस साल मकर संक्रांति साल 2022 में 14 जनवरी, दिन शुक्रवार को को मनायी जाएगी। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस विशेष योग में किया गया दान आपको विशेष लाभ दिला सकता है। आइए जानते हैं मकर संक्रांति पर पूजा का मुहूर्त, महत्व।

इस तरह बनेगा विशेष योग —
पंडित अनिल कुमार पाण्डेय के अनुसार 14 जनवरी को मकर राशि में सूर्य का प्रवेश होता है इसलिए इसे मकर संक्रांति कहते हैं। इसमें शनि पहले से ही 19 अंश व बुध 16 अंश पर बैठा हुआ है। जिससे इन तीनों ग्रहों की युति हो जाएगी।

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पौष माह की हो जाएगी समाप्ति
पंडित राम गोविन्द शास्त्री के अनुसार मकर संक्रांति के साथ ही पौष माह की समाप्ति हो जाती है। इस दिन खिचड़ी खाने और दान करने का विशेष महत्व माना गया है। यह किसानों का भी मुख्य त्योहार है। भगवान सूर्य की पूजा के लिए इसका विशेष ​महत्व है। किसान भाई बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ वसंत ऋतु के आगमन की खुशी मनाते हैं। गुजरात आदि राज्यों पतंग भी उड़ाई जाती है। मकर संक्रांति के दिन लोग अपने घरों में तिल की मिठाईयां बनाकर बांटते और खाते हैं। तिल से बनी हुई मिठाईयां बहुत ही स्वादिस्ट और सेहत के लिहाज से भी बहुत अच्छी होती हैं।

पूजन विधि —
मकर संक्रांति के दिन तिल डले पानी से स्नान कर पूजन सामग्री लेकर भगवान सूर्यदेव की ओर मुख करके बैठ जाएं। इसके बाद आप गंगाजल वाले लोटे में तिल, चावल, शक्कर, रोली, लाल पुष्प डाल दें। साथ ही इसमें घी और एक चम्मच दूध डालें। फिर इस जल से भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इस बात का ध्यान रखें कि अर्घ्य का जल जमीन पर न गिरे। अर्घ्य देते हुए भगवान सूर्य के मंत्र का जाप करें।

सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद आप वहीं तीन माला सूर्य मंत्र का फिर से जप करें। इसके बाद आप पीपल के वृक्ष की जड़ में देशी घी का दीपक जलाकर मौली लेकर के पीपल के वृक्ष पर लपेट दें। पीपल के वृक्ष को अपनी मनोकामना बताकर लौंग भी दीपक में डाल दें। फिर अपने पितृों के नाम से मनचाही वस्तु का दान करें। अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए मकर संक्रांति के दिन आप पितृों का तर्पण करें। इस दिन विशेष योग में किया गया दान आपको सफलता दिला सकता है।

सूर्य मंत्र – 

ऊँ सूर्याय नम:
ऊँ भास्कराय नम:

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नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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