महोगनी : सैकड़ों पेड़ लगाकर बन सकता है करोड़पति, जानें इसकी खासियत

mahogani

नई दिल्ली। भारत को गांवों का देश कहा जाता है। देश के लगभग 60% लोग किसान हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से लोग अपने भरण-पोषण के लिए नौकरी-चाकरी पर निर्भर हो गए हैं। वे खेती-किसानी से अपना घर चलाने के लिए पर्याप्त कमाई नहीं कर पाते। हालांकि, कुछ ऐसे भी किसान हैं जो अब परंपारागत खेती को छोड़, नकदी फसल और बागवानी की ओर ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताएंगे जिसे अपने बगीचे में लगाकर आप लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं।

इतना आता है खर्च

दरअसल, हम जिस पेड़ की बात कर रहे हैं। उसका नाम है ‘महोगनी’। मध्य प्रदेश के किसान मुकेश पाटीदार ने अपने पांच बीघा खेत में महोगनी के वृक्ष लगाए हैं। पाटीदार ने 5 बीघा के खेत में महोगनी के 800 पेड़ लगाए हैं। इन पेड़ों को गुजरात से मंगाया गया था। मुकेश के अनुसार एक बीघा के अंदर इसे लगाने में 40 से 50 हजार रूपये की लागत लगती है।

क्या है महोगनी वृक्ष की विशेषता ?

‘महोगनी’ एक तरह का पर्णपाती वृक्ष है। महोगनी को बोलिज ( दक्षिण अमेरिका) और डोमिनिकन गणराज्य का राष्ट्रीय वृक्ष माना जाता है। इसकी लकड़ी से फर्नीचर, नाव आदि बनाए जाते हैं इसी कारण से इसे काफी बेशकीमती माना जाता है। लकड़ी के अलावा इसके पत्तों का उपयोग मुख्य रूप से कैंसर, ब्लडप्रेशर, अस्थमा, सर्दी और मधुमेह सहित कई प्रकार के रोगों में किया जाता है। महोगनी पांच वर्षों में एक बार बीज देता है। इसके एक पौधे से पांच किलों तक बीज प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बीज की कीमत काफी ज्यादा होती है। यह एक हजार रूपये प्रतिकिलो तक बिकते हैं। वहीं लकड़ी की बात करें तो इसकी लकड़ी दो से 2200 रूपये प्रति घन फीट में बिकती है।

पानी से भी खराब नहीं होती है यह लकड़ी

इसकी लकड़ी काफी लंबे समय तक उपयोग में लाई जाती है। महोगनी की लकड़ी लाल और भूरे रंग की होती है। लकड़ी पर पानी के नुकसान का कोई असर नहीं होता है। अगर वैज्ञानिकों के तर्कों की बात करें तो यह पेड़ 50 डिग्री सेल्सियस तक ही तापमान को सहने की क्षमता को बदार्शत कर सकता है और जल न भी हो तब भी यह लगातार बढ़ता ही जाता है। इसके पौधे सीधे कतार में और सूर्य की रोशनी के विपरीत लगाने चाहिए। बाद में आसपास सब्जियां और फलों आदि की भी उपज ली जा सकती है।

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